नई दिल्ली: 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का लाभ उठाने की इच्छुक महिलाओं के लिए राज्य सरकार ने नियमों में कुछ महत्वपूर्ण शर्तें शामिल की है...
नई दिल्ली: 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' का लाभ उठाने की इच्छुक महिलाओं के लिए राज्य सरकार ने नियमों में कुछ महत्वपूर्ण शर्तें शामिल की हैं। योजना के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार, आवेदन करने वाली महिलाओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिवार के सभी बच्चों को सरकारी शेड्यूल के अनुसार समय पर टीके लगे हों। इसमें 14 साल से अधिक उम्र की किशोरियों के लिए एचपीवी (HPV) वैक्सीन भी शामिल की गई है।
योजना के एसओपी के मुताबिक, आवेदकों को अपने निजी डेटा का इस्तेमाल 'निगरानी और मूल्यांकन' (Monitoring & Evaluation) के लिए करने की सहमति देनी होगी। एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, आवेदकों को आवेदन पत्र भरते समय अपना पर्सनल डेटा बैंकिंग पार्टनर और अन्य स्टेकहोल्डर अधिकारियों के साथ साझा करने की सहमति भी देनी होगी। इसके अलावा, उन्हें ‘एक पेड़ मां के नाम’, ‘स्वच्छ भारत’ और ‘से नो टू सिंगल-यूज प्लास्टिक’ जैसे राष्ट्रीय सामाजिक अभियानों के लिए ऑनलाइन शपथ भी लेनी होगी।
🏥 टीकाकरण और पोषण ट्रैकर की शर्त: सत्यापन प्रक्रिया में मांगा जा सकता है प्रमाण
एसओपी के "लाभार्थियों की जिम्मेदारियां और लाभार्थी परिवार के लिए शर्तें" अनुभाग में स्पष्ट किया गया है कि परिवार के सभी बच्चों का पूर्ण टीकाकरण होना आवश्यक है:
सत्यापन प्रक्रिया: हालांकि आवेदन के समय टीकाकरण प्रमाण-पत्र लगाना पूरी तरह अनिवार्य नहीं है, लेकिन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन के दौरान आवेदकों से टीकाकरण की स्थिति का सबूत मांगा जा सकता है।
पोषण ट्रैकर पर पंजीकरण: जिन परिवारों में गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएं हैं, उन्हें केंद्र सरकार के 'पोषण ट्रैकर' डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत होना अनिवार्य है।
जागरूकता का उद्देश्य: दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के उन वर्गों में टीकाकरण और पोषण के प्रति सकारात्मक जागरूकता फैलाना है, जहां इसे लेकर झिझक रहती है।
📋 पात्रता के कड़े नियम: किन महिलाओं को नहीं मिलेगा योजना का लाभ?
दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत पात्र परिवार की 21 से 60 वर्ष की सबसे वरिष्ठ महिला को ₹2,500 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए निर्धारित मुख्य शर्तें निम्नलिखित हैं:
आय और निवास: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से कम होनी चाहिए तथा महिला, उसका पति या माता-पिता कम से कम 10 वर्ष से दिल्ली के स्थायी निवासी हों।
बच्चों की सीमा: 3 से अधिक बच्चों वाली महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
अपात्रता की श्रेणियां: जो महिलाएं पहले से किसी सरकारी पेंशन या आर्थिक मदद का लाभ ले रही हैं, आयकर (Income Tax) दाता हैं, जीएसटी रिटर्न भरती हैं, सरकारी कर्मचारी हैं या जिनके परिवार के सदस्य सरकारी नौकरी में हैं, वे अपात्र मानी जाएंगी।
अन्य पाबंदियां: जिन परिवारों के पास चार-पहिया वाहन है, जिनका सालाना बिजली बिल 2,400 यूनिट से अधिक आता है या जिन महिलाओं पर आपराधिक मुकदमा दर्ज है, उन्हें इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। आवेदकों को क्षेत्रीय सांसद (MP) या विधायक (MLA) से अनुशंसित पत्र भी संलग्न करना होगा।
💳 किस प्रकार खाते में ट्रांसफर होंगे ₹2500?
योजना के तहत मिलने वाली ₹2,500 की मासिक राशि को दो भागों में विभाजित करके दिया जाएगा:
₹1,500 की बचत: ₹1,500 की राशि रिकरिंग डिपॉजिट (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के रूप में जमा की जाएगी ताकि भविष्य के लिए बचत हो सके।
₹1,000 डिजिटल वॉलेट में: शेष ₹1,000 सेंट्रलाइज्ड डिजिटल करेंसी (CBDC Wallet) में क्रेडिट किए जाएंगे।
गलत इस्तेमाल पर रोक: डिजिटल वॉलेट की राशि का उपयोग शराब, तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, नशीले पदार्थों की खरीद या ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के लिए नहीं किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा देश भर में चलाए जा रहे व्यापक HPV टीकाकरण अभियान के तहत दिल्ली में लगभग 1.6 लाख बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

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