नई दिल्ली: दिल्ली की 'लक्ष्मी योजना' (Delhi Lakshmi Yojana) में आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा अपड...
नई दिल्ली: दिल्ली की 'लक्ष्मी योजना' (Delhi Lakshmi Yojana) में आवेदन करने वाली महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा अपडेट जारी किया है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पात्र माताओं-बहनों को अब पहली किस्त के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। 26 अगस्त से पात्र महिलाओं को योजना के स्वीकृति पत्र मिलने शुरू हो जाएंगे और 1 सितंबर से ₹2,500 की मासिक राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
📢 सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का संदेश: "आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत"
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का वक्तव्य:
"26 अगस्त का दिन दिल्ली की लाखों महिलाओं के जीवन में नया आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता लेकर आएगा। 'दिल्ली लक्ष्मी योजना' के तहत स्वीकृत पत्र वितरित होंगे और 1 सितंबर से ₹2,500 की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचेगी। योजना के तहत अभी भी रजिस्ट्रेशन खुले हैं और सभी पात्र महिलाएं इस सशक्तिकरण यात्रा से जुड़ सकती हैं।"
📝 पात्रता की शर्तें: कौन कर सकता है आवेदन और कौन है बाहर?
योजना के दिशानिर्देश और शर्तें:
आयु व आय सीमा: 21 से 60 वर्ष तक की वे महिलाएं आवेदन कर सकती हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख तक है।
निवासी व वोटर मानदंड: आवेदक या उनके माता-पिता/पति कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली के निवासी होने चाहिए तथा महिला दिल्ली की रजिस्टर्ड वोटर होनी चाहिए।
अपात्रता की श्रेणियां:
किसी अन्य पेंशन या सहायता योजना का लाभ ले रही महिलाएं।
सरकारी कर्मचारी, करदाता या 3 से अधिक बच्चों वाली महिलाएं।
जिन परिवारों की वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है।
जिनके परिवार में चार पहिया वाहन हो या किसी सदस्य पर आपराधिक मामला दर्ज हो।
📊 दिल्ली लक्ष्मी योजना की मुख्य विशेषताएं और बजट आवंटन
योजना का स्वरूप और वित्तीय ढांचा:
| विवरण / श्रेणी | आंकड़े व नियम |
| कुल बजट आवंटन | ₹5,100 करोड़ |
| लाभान्वित होने वाली अनुमानित महिलाएं | लगभग 17 लाख |
| योजना की अवधि | 3 वर्षों के लिए लागू |
| परिवार में पात्रता | परिवार की सबसे बड़ी योग्य महिला |
💳 किस्त की राशि मिलने के दो वित्तीय विकल्प
भुगतान प्रक्रिया का ढांचा:
विकल्प 1: रोजमर्रा के खर्चों के लिए हर महीने ₹1,000 'सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी' (CBDC) वॉलेट में जमा होंगे और शेष ₹1,500 आवर्ती जमा (RD) या एफडी खाते में जाएंगे।
विकल्प 2: लाभार्थी चाहें तो पूरी ₹2,500 की राशि आरडी (RD) या एफडी (FD) खाते में जमा करा सकती हैं ताकि लंबी अवधि में ब्याज का लाभ मिल सके।

कोई टिप्पणी नहीं