नई दिल्ली: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कथित दवा और मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले की जांच को लेकर स्वास्थ्य सचिव के जवाब पर गहरी...
नई दिल्ली: दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने कथित दवा और मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले की जांच को लेकर स्वास्थ्य सचिव के जवाब पर गहरी असंतुष्टि और कड़ी नाराजगी जताई है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में दवाओं, सर्जिकल सामान और मेडिकल उपकरणों की खरीद को लेकर इन दिनों भारी विवाद चल रहा है।
हाल ही में जारी अपने पत्र में स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सचिव के जरिए भेजा गया जवाब पूरी तरह से असंतोषजनक है। उन्होंने रिकॉर्ड के आधार पर विस्तृत और बिंदुवार (Point-wise) जवाब दोबारा देने के कड़े निर्देश दिए हैं और 17 अगस्त तक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि सिर्फ यह कह देना पर्याप्त नहीं है कि मामला जांच एजेंसियों के पास विचाराधीन है, क्योंकि विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में मौजूद तथ्य कानूनी रोक के बिना रोके नहीं जा सकते।
❓ 'सवालों का सीधा जवाब नहीं दिया गया': जांच का हवाला देकर रिकॉर्ड छिपाने पर जताई नाराजगी
स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि हेल्थ सेक्रेटरी की ओर से ई-फाइल नंबर 396162 के माध्यम से दिया गया जवाब बेहद सतही है:
विशिष्ट सवालों से किनारा: मंत्री ने कहा कि भेजे गए पत्र में उठाए गए खास और महत्वपूर्ण सवालों के जवाब नहीं दिए गए हैं। केवल यह कहना कि मामला जांच एजेंसियों के दायरे में है, सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद वास्तविक जानकारी को छुपाने का आधार नहीं हो सकता।
खरीद से जुड़े आंकड़े: मांगी गई जानकारी में खरीद की दरें, जीएसटी, लैंडेड कॉस्ट (कुल लागत), खरीदी गई मात्रा (Quantity) और अन्य संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं।
जरूरी विवरण: ओआरएस (ORS) पाउच, बेडशीट और पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के बारे में स्पेसिफिकेशन, सप्लाई ऑर्डर, डिलीवरी की जानकारी और तुलनात्मक डिटेल उपलब्ध कराई जानी चाहिए, क्योंकि यह सभी वित्तीय और सरकारी खरीद का अभिन्न हिस्सा हैं।
जीएफआर (GFR) के नियम: नियमों के अनुसार वित्तीय जांच-पड़ताल और सभी सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स (जैसे इनवॉइस, जीएसटी डिटेल, इंस्पेक्शन और एक्सेप्टेंस रिपोर्ट, डिलीवरी चालान) पेमेंट और अकाउंट्स रिकॉर्ड से आसानी से मिल सकते हैं, भले ही खरीद की मूल फाइलें जांच एजेंसियों के पास हों।
🗂️ 'विभाग के पास मौजूद हैं सारे रिकॉर्ड': सेक्रेटरी को व्यक्तिगत रूप से जांच करने के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री ने चिंता जताते हुए कहा कि विभाग के पास उपलब्ध अन्य स्रोतों से जानकारी जुटाने की कोई गंभीर कोशिश नहीं की गई है:
लापरवाह जवाब अस्वीकार्य: खास सवालों के ऐसे अधूरे और लापरवाह जवाबों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
व्यक्तिगत निगरानी के निर्देश: निर्देश दिए गए हैं कि स्वास्थ्य सचिव व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करें कि सीपीए (CPA), अकाउंट्स ब्रांच, पे एंड अकाउंट्स ऑफिस और अन्य संबंधित कार्यालयों के पास मौजूद सभी रिकॉर्ड की गहराई से जांच की जाए।
दस्तावेजी सबूत: यदि किसी कानूनी रोक या रिकॉर्ड जब्त होने के कारण कोई विशेष जानकारी देना असंभव है, तो उसे पुख्ता दस्तावेजों के साथ स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाना चाहिए।
⏳ 650 करोड़ के घोटाले की चल रही है जांच: शो-कॉज नोटिस के बाद अब डेडलाइन का इंतजार
डॉ. पंकज सिंह ने कड़े शब्दों में दोहराया है कि नया और पूरा जवाब निश्चित रूप से 17 अगस्त तक जमा किया जाना चाहिए:
घोटाले का दायरा: दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में ओआरएस, हैंडहेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीन और बेडशीट की खरीद में कथित तौर पर 650 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर उच्चस्तरीय जांच शुरू की गई थी।
विस्तृत रिपोर्ट और नोटिस: स्वास्थ्य मंत्री ने पहले ही हेल्थ सेक्रेटरी रूपेश कुमार ठाकुर से जांच की अद्यतन स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद में अनावश्यक देरी को लेकर भी कड़ा रुख अपनाते हुए शो-कॉज नोटिस जारी किया गया था।

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