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Delhi MSME GeM Procurement: छोटे कारोबारियों और स्टार्टअप्स के लिए सुलभ हुआ सरकारी बाजार, जानिए जेम पोर्टल के फायदे

नई दिल्ली: दिल्ली में सरकारी खरीद की प्रक्रिया पहले छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए काफी जटिल और समय लेने वाली थी। टेंडर प्रक्रिया की ...


नई दिल्ली: दिल्ली में सरकारी खरीद की प्रक्रिया पहले छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए काफी जटिल और समय लेने वाली थी। टेंडर प्रक्रिया की जटिलताओं के कारण छोटे व्यवसायों के लिए इसमें भाग लेना चुनौतीपूर्ण होता था।

अब सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के प्रभावी उपयोग से दिल्ली सरकार ने खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, आसान और पारदर्शी बना दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सशक्त बनाने और समान अवसर प्रदान करने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

🏆 राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली को मिला बड़ा सम्मान: 'सस्टेंड सर्विसेस प्रिक्यूरमेंट एडोप्शन' श्रेणी में अवार्ड

सरकारी खरीद में जेम (GeM) के बढ़ते उपयोग और सेवाओं की खरीद में लगातार बढ़ती भागीदारी के लिए दिल्ली को राष्ट्रीय पहचान मिली है:

  • राष्ट्रीय पुरस्कार: दिल्ली को 'सस्टेंड सर्विसेस प्रिक्यूरमेंट एडोप्शन' (Sustained Services Procurement Adoption) श्रेणी के तहत सम्मानित किया गया है।

  • सराहनीय प्रयास: यह सम्मान जेम के माध्यम से सेवाओं की खरीद में बढ़ती हिस्सेदारी और पारदर्शी खरीद व्यवस्था को अपनाने के लिए प्रदान किया गया है।

📈 खरीद के आंकड़ों में 156% का उछाल: चालू वित्त वर्ष में दर्ज हुआ 1,595 करोड़ रुपये का कारोबार

आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में जेम पोर्टल के माध्यम से सरकारी खरीद में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है:

  • चालू वित्त वर्ष का रिकॉर्ड: वित्त वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 1,595 करोड़ रुपये की खरीद दर्ज की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (624 करोड़ रुपये) से 156 प्रतिशत अधिक है।

  • वार्षिक प्रगति: वित्त वर्ष 2025-26 में दिल्ली में कुल 4,311 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद जेम से हुई, जिसमें एमएसएमई (MSEs) की हिस्सेदारी 2,177 करोड़ रुपये रही।

  • राष्ट्रीय बाजार की पहुंच: दिल्ली के विक्रेताओं को 2025-26 में लगभग 95% ऑर्डर केंद्र सरकार और अन्य राज्यों से मिले, जिससे स्थानीय कारोबारियों का दायरा देशभर में फैला है।

👩‍💼 महिला उद्यमियों, एससी/एसटी और स्टार्टअप्स को विशेष बढ़ावा

दिल्ली सरकार ने अपनी सरकारी खरीद व्यवस्था को अधिक समावेशी बनाने के लिए हर वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया है:

  1. महिला उद्यमी: वित्त वर्ष 2025-26 में जेम के माध्यम से महिला उद्यमियों से 315 करोड़ रुपये की खरीद की गई।

  2. स्टार्टअप्स: नए इनोवेटिव स्टार्टअप्स से 405 करोड़ रुपये की सरकारी खरीद दर्ज हुई।

  3. एससी/एसटी वर्ग: एससी/एसटी वर्ग के उद्यमियों से 41 करोड़ रुपये का सामान व सेवाएं ली गईं।

⚙️ आधुनिक फीचर्स से लैस डिजिटल सिस्टम: एआई तकनीक से रुकेंगी अनियमितताएं

ऑनलाइन खरीदारी प्रणाली पूरी तरह से पारदर्शी और तकनीकी सुविधाओं से लैस है:

  • खरीद के विकल्प: इसमें सीधी खरीद, L-1 खरीद, बोली/रिवर्स नीलामी (Reverse Auction) और फॉरवर्ड नीलामी जैसी आसान सुविधाएं शामिल हैं।

  • आधुनिक ट्रैकिंग: ऑनलाइन ऑर्डर, विक्रेता मूल्यांकन, ऑनलाइन बिलिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI/ML) पर आधारित प्रणाली से अनियमितताओं पर तुरंत रोक लगाई जाती है।

📚 ट्रेनिंग और हैंडहोल्डिंग से विक्रेताओं की क्षमता निर्माण

व्यापारियों और सरकारी अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं:

  • ट्रेनिंग प्रोग्राम: वित्त वर्ष 2025-26 में 65 से अधिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिनमें 3,600 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।

  • सचिवालय व अस्पताल स्तर पर जागरूकता: शिक्षा विभाग, प्रमुख अस्पतालों और दिल्ली सचिवालय में जेम जागरूकता सप्ताह के जरिए हैंड-होल्डिंग और ऑन-ग्राउंड सपोर्ट दिया गया।

🔍 रिव्यू सिस्टम से दुरुस्त होगी व्यवस्था: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान

सिस्टम को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए वित्त विभाग और जेम के बीच मंथली रिव्यू सिस्टम लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि "एमएसएमई केवल व्यवसाय नहीं हैं, बल्कि रोजगार, नवाचार और स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। सरकारी खरीद को डिजिटल बनाकर हर छोटे उद्यमी को एक पारदर्शी और राष्ट्रीय स्तर का बड़ा बाजार देना दिल्ली सरकार का मुख्य संकल्प है।"







 

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