कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने को लेकर डाली गई एक याचिका पर दिल्ली की अदालत ने अपना फैसला टाल ...
कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने को लेकर डाली गई एक याचिका पर दिल्ली की अदालत ने अपना फैसला टाल दिया है। अदालत अब इस मामले पर आगामी 21 सितंबर को अपना फैसला सुनाएगी। याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिक बनने से पहले ही मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया था, जिसके चलते उनके खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की गई है।
🏛️ 2. द्वारका अदालत के विशेष न्यायाधीश की बेंच में चल रहा मामला, जज के ट्रांसफर के कारण टली सुनवाई
शनिवार को द्वारका अदालत के विशेष न्यायाधीश को इस मामले में अपना आदेश सुनाना था, लेकिन न्यायाधीश का स्थानांतरण हो जाने की वजह से सुनवाई और फैसला स्थगित करना पड़ा। यह पुनर्विचार याचिका विकास त्रिपाठी द्वारा दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा उनकी एफआईआर दर्ज करने की अर्जी खारिज किए जाने के बाद उन्होंने सत्र अदालत का रुख किया था। मामले की सुनवाई अब 21 सितंबर को होगी।
🗣️ 3. सोनिया गांधी के वकीलों ने दस्तावेजों को बताया फर्जी, याचिकाकर्ता ने उठाए गंभीर सवाल
इस मामले की कानूनी बहस के दौरान सोनिया गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एस. चीमा और अधिवक्ता तरन्नुम चीमा ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा अदालत में पेश किए गए दस्तावेज असली नहीं हैं। वहीं दूसरी ओर, याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बर्मन व अधिवक्ता नीरज ने तर्क दिया कि प्रतिवादी यह स्पष्ट करने में विफल रहे हैं कि वर्ष 1983 में आधिकारिक तौर पर भारतीय नागरिक बनने से पहले सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में कैसे जोड़ा गया था।

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