नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर जहां देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है, वहीं दिल्ली वासियों...
नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर जहां देश उन्हें श्रद्धांजलि दे रहा है, वहीं दिल्ली वासियों को एक बड़ी सौगात मिली है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में 25 नई 'अटल कैंटीनों' का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और शहरी विकास मंत्री आशीष सूद भी मौजूद थे। इन 25 नई कैंटीनों के शुरू होने के साथ ही राजधानी दिल्ली में अटल कैंटीन की कुल संख्या अब 100 हो गई है।
🍲 कैंटीन की कुल संख्या हुई 100: जानिए ₹5 की थाली का पूरा गणित
दिल्ली सरकार ने गरीब, जरूरतमंदों और छात्रों को ध्यान में रखते हुए इस योजना का विस्तार किया है:
योजना का विस्तार: पिछले वर्ष शुरू की गई इस योजना के तहत अब तक 75 कैंटीन संचालित हो रही थीं, जो अब बढ़कर 100 हो गई हैं।
थाली का मेन्यू: मात्र ₹5 में पौष्टिक भोजन की पूरी थाली दी जाती है, जिसमें रोटी, सब्जी, दाल, चावल और अचार शामिल हैं।
₹25 की सब्सिडी: भोजन की कुल लागत ₹30 आती है, जिसमें से आम जनता से केवल ₹5 लिए जाते हैं और ₹25 की सब्सिडी दिल्ली सरकार द्वारा दी जाती है।
📍 इन 25 नई जगहों पर खुलीं अटल कैंटीन
उद्घाटन की गई नई 25 अटल कैंटीनों में से प्रमुख स्थान निम्नलिखित हैं:
एसआरएस कॉलोनी, टिकरी खुर्द (स्वर्ण जयंती विहार)
एसआरएस कॉलोनी, होलंबी खुर्द
मुंशी राम जे जे क्लस्टर के पास (मुखर्जी नगर, तिमारपुर)
विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन (तिमारपुर)
अदरक मार्केट शेड (आजादपुर मंडी के पास)
विशाल भवन के पास APMC पार्क
गुरु तेग बहादुर कॉलोनी और सरदार कॉलोनी
सेक्टर-16, रोहिणी (तथा अन्य झुग्गी व अस्पताल परिसर)
💬 मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान: "3 करोड़ से ज्यादा लोग ग्रहण कर चुके हैं भोजन"
कैंटीन के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा:
"आज हमारे लिए सौभाग्य का दिन है कि जो संकल्प हमने लिया था, उसे पूरा किया। अटल जी के विजन को आगे बढ़ाते हुए हमने 100 कैंटीनों का लक्ष्य पूरा किया है। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर दिन ये 100 कैंटीन वर्ष के 365 दिन निर्बाध चलती रहें। अब तक 3 करोड़ से भी अधिक लोग इन कैंटीनों में खाना खा चुके हैं। अस्पतालों, क्लस्टरों और विश्वविद्यालय क्षेत्रों के पास शुरू की गई इन कैंटीनों से गरीबों और छात्रों को भोजन की चिंता से मुक्ति मिलेगी।"
🇮🇳 'विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब गरीब विकसित होंगे': मंत्री आशीष सूद
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने इस अवसर पर कहा कि विकसित भारत की यात्रा केवल बड़े एक्सप्रेस-वे से नहीं, बल्कि दिल्ली की गरीब गलियों से होकर निकलती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू की गई यह योजना दिल्ली के अंतिम व्यक्ति तक पौष्टिक आहार पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

कोई टिप्पणी नहीं