राघव चड्ढा की अगुआई में सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाने के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) से अलग हुए एक औ...
राघव चड्ढा की अगुआई में सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाने के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) से अलग हुए एक और 'हिस्से' ने भगवा दल में विलय कर लिया है। करीब डेढ़ साल पहले 'आप' से राहें अलग कर लेने वाले 16 पार्षदों के गुट इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (IVP) ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा।
'आप' से बगावत करके अलग गुट बनाने वाले 16 पार्षदों के भाजपा में चले जाने के बाद सत्ताधारी दल की स्थिति दिल्ली नगर निगम (MCD) में और ज्यादा मजबूत हो गई है। 250 सदस्यीय सदन में अब भाजपा के पार्षदों की संख्या बढ़कर 139 हो गई है, जबकि आम आदमी पार्टी के पास 123 पार्षद हैं। 2022 में हुए एमसीडी चुनाव में भाजपा ने 104 सीटों पर ही जीत हासिल की थी, लेकिन धीरे-धीरे इसके सदस्यों की संख्या बढ़ती रही और 'आप' को सत्ता गंवानी पड़ी।
सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा
आईवीपी के पार्षदों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन्होंने दिल्ली के विकास को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है। सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'यह अच्छा संकेत है कि उनके वार्ड्स में विकास कार्यों में तेजी आएगी। शहर का विकास भाजपा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आईवीपी पार्षदों के शामिल होने से एमसीडी में भाजपा और मजबूत होगी और वार्डों में कामों में तेजी आएगी।'
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि आईवीपी का गठन मुकेश गोयल और हेमचंद गोयल की अगुआई में डेढ़ साल पहले किया गया था, जब उन्होंने 'आप' की अगुआई में विकास में कमी देखी। उन्होंने कहा कि सभी 16 पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ली है। पीटीआई से बातचीत में आईवीपी के प्रमुख मुकेश गोयल ने कहा कि इस सप्ताह सभी पार्षदों से विचार के बाद भाजपा में शामिल होने का फैसाल लिया गया। उन्होंने कहा, 'हमने भाजपा का काम डेढ़ साल देखा है और सामूहिक रूप से हम मानते हैं कि सत्ताधारी पार्टी में शामिल होने से हमारे वार्डों में विकास के काम तेज होंगे।' गोयल ने कहा कि सत्ताधारी पार्टी में पदों को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जो भी भूमिका निगम में दि जाएगी उन्हें वो दिल से पूरा करेंगे।
अगले साल होना है एमसीडी का चुनाव
एमसीडी में आप नेतृत्व से मतभेद के बाद 16 आप पार्षदों ने मई 2025 में इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी नाम से अलग गुट बना लिया था। ये पार्षद ऐसे समय में भाजपा में शामिल हुए हैं जब अगले साल एमसीडी का चुनाव होना है और शुक्रवार को ही 12 वार्ड कमिटी के चेयरपर्सन और डिप्टी चेयरपर्सन के लिए नामांकन की आखिरी तिथि थी। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मुकेश गोयल को एमसीडी में किसी स्पेशल कमिटी की चेयरमैन बनाया जा सकता है, जबकि हेमचंद गोयल को सेट्रल जोन के स्टैंडिंग कमिटी में नामित किया जा सकता है।

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