राजधानी दिल्ली को दहलाने की साजिश का भंडाफोड़ करने वाली स्पेशल सेल की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली और...
राजधानी दिल्ली को दहलाने की साजिश का भंडाफोड़ करने वाली स्पेशल सेल की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, दिल्ली और पंजाब से गिरफ्तार पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े छह संदिग्धों ने पूछताछ में बताया कि उनके निशाने पर न्यू पुलिस लाइंस और आनंद विहार टर्मिनल और एक रेलवे स्टेशन था। इसके रेकी भी आरोपियों ने की थी। रेकी का वीडियो भी आरोपियों के मोबाइल फोन में मिला है।
स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की जांच में सामने आया कि पकड़े गए संदिग्धों को पाकिस्तान में बैठा आईएसआई हैंडलर शहजाद भट्टी सीधे निर्देश दे रहा था। उसके निशाने पर दिल्ली के कई बेहद महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठान और भीड़भाड़ वाले इलाके थे। चौंकाने वाली बात यह है कि भट्टी के निशाने पर सिर्फ दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि पूरा उत्तर भारत था। इसलिए पिछले कुछ समय भट्टी मॉड्यूल के खिलाफ अभियान छेड़ने वाली दिल्ली पुलिस एक साल में इस गैंग से जुड़े करीब दर्जन भर आतंकी गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए 60 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पाकिस्तान भेजे थे रेकी के वीडियो
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आतंकियों ने दिल्ली की न्यू पुलिस लाइंस (सिविल लाइंस), आनंद विहार अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी), एक रेलवे स्टेशन और दिल्ली के कई बेहद व्यस्त बाजारों की बकायदा रेकी की थी। स्पेशल सेल ने जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन से इन सभी संवेदनशील स्थानों की रेकी के वीडियो बरामद किए हैं। यह वीडियो पाकिस्तान भेजे गए थे।
दानिश-भट्टी के बीच बातचीत
भट्टी : मटेरियल (सामान) शाम को डिलीवर हो जाएगा, कलेक्ट कर लो।
भट्टी : क्या पूरा सामान मिल गया?
दानिश : सबकुछ कलेक्ट कर लिया।
दानिश : अगला टास्क क्या है?
भट्टी : मटेरियल को पूरी सुरक्षा के साथ तैयार रखो और अगला हुक्म मिलने का इंतजार करो।
रुपयों का दिया था लालच
स्पेशल सेल के एक अधिकारी के मुताबिक, आरोपी दानिश उर्फ चांद मियां को दिल्ली में रेकी करने और पेट्रोल बम से हमले का जिम्मा सौंपा गया था। भट्टी ने इस काम के लिए उसे 20 हजार रुपये का लालच दिया था। वहीं, सलमान को पेट्रोल बम हमले का वीडियो रिकॉर्ड बनाने का जिम्मा सौंपा गया था।
100 अकाउंट्स पर सख्ती
भट्टी और उसके करीबी सहयोगी (जैसे राणा हुसनैन और अजमल गुज्जर) भारत के युवाओं को बरगलाने के लिए इंस्टा, फेसबुक, यूट्यूब और टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का सहारा लेते थे। पुलिस अब तक ऐसे 100 से अधिक संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स और चैनलों को चिह्नित करके बंद करा चुकी है।
दस अन्य पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे आरोपी
स्पेशल सेल की जांच में यह भी साफ हुआ है कि ये छह आरोपी केवल शहजाद भट्टी ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में बैठे 10 अन्य संदिग्धों के भी लगातार संपर्क में थे, जो भट्टी नेटवर्क के लिए काम करते हैं। पुलिस अब इन सभी विदेशी हैंडलर्स की भूमिका और भारत में उनके बाकी स्लीपर सेल्स की तलाश में जुटी है।

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