दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) ने शहर की बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को दूसरे महीने भी ग्राहकों पर 8 प्रतिशत तक का '...
दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (डीईआरसी) ने शहर की बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को दूसरे महीने भी ग्राहकों पर 8 प्रतिशत तक का 'अतिरिक्त' फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज (एफपीपीएएस) लगाने की मंजूरी दी है। इससे महीने का बिजली बिल और बढ़ सकता है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पिछले महीने, डीईआरसी ने बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों (डिस्कॉम) को अप्रैल के लिए अतिरिक्त एफपीपीएएस लगाने की मंजूरी दी थी। यह दर बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) के लिए 7.94 प्रतिशत, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (बीवाईपीएल) के लिए 7.43 प्रतिशत और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) के लिए 6 फीसदी थी।
कंपनियों ने की थी राहत की मांग
तीनों बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने जून और जुलाई के लिए भी डीईआरसी से राहत की मांग की थी। उनका कहना था कि मई महीने के लिए बिजली खरीद की असल लागत, मौजूदा मूल बिजली खरीद लागत की तुलना में काफी बढ़ गई है।
एफपीपीएएस पर एक बिल चक्र में कितनी सीमा?
डीईआरसी के नियमों के अनुसार, एक बिल चक्र में वसूले जाने वाले एफपीपीएएस पर 10 प्रतिशत की सीमा है। साथ ही, एफपीपीएएस हर महीने डीईआरसी तय करता है। इसकी गणना ग्राहक के फिक्स्ड चार्ज और एनर्जी चार्ज के कुल योग के प्रतिशत के रूप में की जाती है। डीईआरसी ने 10 जुलाई को जारी एक आदेश में कहा था कि मई के लिए एफपीपीएएस की गणना बीआरपीएल के लिए 25 प्रतिशत, बीवाईपीएल के लिए 19.91 प्रतिशत और टीपीडीडीएल के लिए 12.21 प्रतिशत की गई है।
आदेश के अनुसार, डीईआरसी ने बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों को 10 प्रतिशत की तय सीमा वाले एफपीपीएएस के अलावा मई के लिए अतिरिक्त राशि वसूलने की मंजूरी दी है। इससे उन्हें बिजली खरीदने की लागत में हुई 'बढ़ोतरी का कम से कम जरूरी हिस्सा' वसूलने में आ रही दिक्कतों को दूर करने में मदद मिलेगी।
मासिक आधार पर लागू की गई है छूट
अतिरिक्त एफपीपीएस की मंजूरी बीआरपीएल के लिए 7.94 प्रतिशत, बीवाईपीएल के लिए 7.43 प्रतिशत और टीपीडीडीएनल के लिए 2.21 प्रतिशत की दर से दी गई है। डीईआरसी के आदेश के अनुसार, मई, 2026 के लिए वसूल किए जा सकने वाले कुल एफपीपीएएस की दर बीआरपीएल के मामले में 17.94 प्रतिशत, बीवाईपीएल के लिए 17.43 प्रतिशत और टीपीडीडीएल के मामले में 12.21 प्रतिशत है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यह छूट आयोग के अगले आदेश तक मासिक आधार पर लागू रहेगी।
क्या है एफपीपीएएस?
आपको बता दें कि फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज बिजली बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले ईंधन (जैसे कोयला या गैस) की कीमतों में बढ़ोत्तरी या फिर बिजली डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों द्वारा बाहर से ही महंगी बिजली खरीदने के वजह से अतिरिक्त खर्च की भरपाई के लिए ग्राहकों से लिया जाता है।

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