ग्रेटर गाजियाबाद के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। खोड़ा, कनावनी, लोनी के साथ इसमें डासना नगर पंचायत और मुरादनगर के ...
ग्रेटर गाजियाबाद के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। खोड़ा, कनावनी, लोनी के साथ इसमें डासना नगर पंचायत और मुरादनगर के कुछ गांव भी शामिल होंगे। इन सभी क्षेत्रों के नक्शे निकाले गए हैं। अब मुरादनगर क्षेत्र में इसकी सीमा कहां तक होगी, इसे लेकर मंथन चला रहा है। उम्मीद की जा रही है कि ग्रेटर गाजियाबाद में 150 से 175 वार्ड बनाए जा सकते हैं। हालांकि, इसका फैसला नए परिसीमन के आधार पर ही होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में गाजियाबाद दौरे के दौरान ग्रेटर गाजियाबाद बनाए जाने की घोषणा की गई थी। इसमें कहा गया था कि खोड़ा, लोनी और मुरादनगर क्षेत्र को मिलाकर ग्रेटर गाजियाबाद बनाया जाएगा। इसे नगर निगम का हिस्सा माना जाएगा। घोषणा के बाद से ही जिला प्रशासन ने अन्य विभागों के साथ मिलकर इसकी तैयारी शुरू कर दी। पहले चरण में सभी नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्र के नक्शे निकालवाए गए हैं। इन नक्शों को नगर निगम की सीमा से मिलाया जा रहा है।
ग्रेटर गाजियाबाद में किस क्षेत्र के कितने गांव शामिल किए जाएंगे, इसे भी देखा रहा है। नक्शे मिलाकर यह तय होगा कि ग्रेटर गाजियाबाद की सीमा कहां तक रखी जाएगी। ग्रेटर गाजियाबाद बनने से सभी क्षेत्र का विकास होगा। खोड़ा जैसी क्षेत्र की आबादी जो शहर के बीचों-बीच होने के बावजूद मूलभूत सुविधाओं से जूझ रही है। अब यहां का विकास भी होगा।
डासना के सभी वार्ड शामिल किए जाएंगे
विभागीय सूत्रों के अनुसार डासना नगर पंचायत के सभी वार्ड को ग्रेटर गाजियाबाद में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही नगर पालिका मुरादनगर क्षेत्र की कितनी सीमा को इसमें शामिल किया जाएगा और कितने वार्ड इसमें शामिल होंगे, इसे लेकर कवायद चल रही है। सूत्रों की मानें तो ग्रेटर गाजियाबाद की सीमा का निर्धारण सड़क मार्ग से किया जाएगा।
ग्रेटर गाजियाबाद में हो सकते हैं 150 वार्ड
जिला प्रशासन ने खोड़ा नगर पालिका और लोनी नगर पालिका परिषद को गाजियाबाद नगर निगम में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। खोड़ा मकनपुर नगर पालिका क्षेत्र में 34 और लोनी नगर पालिका परिषद में 55 वार्ड हैं। नगर पंचायत डासना में 25 वार्ड हैं। वहीं, मुरादनगर नगर पालिका में भी 25 वार्ड हैं। इन सभी 25 वार्डों को शामिल नहीं किया जाएगा। इसमें शहरी क्षेत्र के सटे कुछ गांवों को ही ग्रेटर गाजियाबाद में शामिल करने की योजना है। इसके बाद पूरे ग्रेटर गाजियाबाद का नया परिसीमन होगा। उम्मीद की जा रही है कि इन सभी को मिलाकर नगर निगम के वार्ड जनसंख्या के अनुसार 150 से 175 वार्ड बनाए जा सकते हैं।
दीपक मीणा, जिलाधिकारी, ''मुख्यमंत्री के निर्देश पर ग्रेटर गाजियाबाद के लिए सर्वे शुरू करा दिया गया है। इसकी सीमा कहां तक होगी और इसमें कौन-कौन से क्षेत्र का कितना हिस्सा शामिल होगा, इस पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जल्द की एक प्रारंभिक रूपरेखा तैयार कर ली जाएगी।''

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