दिल्ली पुलिस की कस्टडी से फरार होने के बाद एक शातिर बदमाश उत्तर प्रदेश के रामपुर अपने घर पहुंच गया था। इसके बाद वह हर रात अपने दोस्त के साथ ...
दिल्ली पुलिस की कस्टडी से फरार होने के बाद एक शातिर बदमाश उत्तर प्रदेश के रामपुर अपने घर पहुंच गया था। इसके बाद वह हर रात अपने दोस्त के साथ रामपुर से ट्रेन पकड़कर दिल्ली आता और लूट व झपटमारी की वारदातों अंजाम देने के बाद सुबह वापस लौट जाता। दिल्ली पुलिस की न्यायिक अभिरक्षा वाहिनी (एनएवी) के पुलिस कर्मियों ने आरोपी को साथी समेत रामपुर से मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायिक अभिरक्षा वाहिनी (एनएवी) के डीसीपी चंदर कुमार सिंह ने बताया कि अदनान उर्फ फरहान को बाड़ा हिंदूराव पुलिस ने मोबाइल झपटमारी के मामले में गिरफ्तार किया था। तिहाड़ से पेशी पर लाया गया अदनान 24 जून को तीस हजारी कोर्ट परिसर से फरार हो गया था। इस बाबत सब्जी मंडी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
एनएवी ने फरार आरोपी को दबोचा
एनएवी के इंस्पेक्टर संजय कुमार गुप्ता की देखरेख में एसआई प्रभात एवं हेड कॉन्स्टेबल अमित कुमार की टीम अदनान की तलाश में जुटी थी। टीम ने सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर अदनान के रामपुर स्थित घर एवं वारदात में शामिल साथी अकरम के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद अकरम की मां से जानकारी हासिल करने के बाद मंगलवार को रामपुर से अदनान और अकरम को गिरफ्तार कर लिया।
रात की ट्रेन से दिल्ली, वारदात के बाद वापसी
पुलिस ने जब अदनान और अकरम को गिरफ्तार किया तो दोनों रेलवे स्टेशन से उतरकर घर जा रहे थे। पूछताछ में मालूम हुआ कि दोनों रात 11 बजे ट्रेन में सवार होते और सुबह 5 बजे दिल्ली उतर जाते। इन्होंने गाजियाबाद से चुराई एक स्कूटी को दिल्ली में छिपाकर रखा था। वे इस स्कूटी से पुरानी दिल्ली के इलाकों में झपटमारी करने के बाद सुबह 7.30 बजे अवध आसाम ट्रेन में सवार होकर फिर से रामपुर पहुंच जाते। इसके बाद वे इलाके में घूम-घूम कर अपनी उपस्थिति दिखाते थे। दोनों ने फरारी के दौरान एक दर्जन झपटमारी की वारदातों को अंजाम दिया था।
जांच में सामने आया कि अदनान को वर्ष 2020 के बाड़ा हिंदूराव थाने में दर्ज झपटमारी के मामले में भगोड़ा घोषित किया गया था। जब उसे बाड़ा हिंदू राव पुलिस द्वारा इस साल अप्रैल में गिरफ्तार किया गया तो उसने गलत नाम बताया और अकरम के बारे में भी जानकारी नहीं दी थी।

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