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13 दिन तक बुजुर्ग को किया डिजिटल अरेस्ट, ऐंठे 59 लाख; नोएडा में हैरान कर देने वाली वारदात

साइबर अपराधियों ने पेंट बनाने बनाने वाली एक नामचीन कंपनी के पूर्व अधिकारी को 13 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 59 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। आरोपियो...


साइबर अपराधियों ने पेंट बनाने बनाने वाली एक नामचीन कंपनी के पूर्व अधिकारी को 13 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 59 लाख 50 हजार रुपये ठग लिए। आरोपियों ने बुजुर्ग पर मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग तस्करी, मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध में शामिल होने का भय दिखाया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर अपराध थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


पत्नी के साथ रहते हैं बुजुर्ग


सेक्टर-29 निवासी 78 वर्षीय राजीव कुमार ने पुलिस को बताया कि वह पत्नी के साथ घर पर अकेले रहते हैं। उनके लैंडलाइन नंबर पर 18 जून को एक कॉल आई। कॉलर ने खुद को भारत के दूरसंचार नियामक प्राधिकरण का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि आपके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया गया है, इसलिए नंबर दो घंटे में बंद कर दिया गया है। अधिक जानकारी के लिए पीड़ित को मोबाइल पर तीन दबाने के लिए कहा। नंबर दबाने पर एक व्यक्ति ने खुद को ग्राहक सेवा केंद्र का कर्मचारी बताते हुए कहा कि मुंबई पुलिस के कहने पर नंबर बंद किया जा रहा है। कारण पूछने पर कहा कि उनके आधार नबर का उपयोग कर मुंबई में चार बैंक खाते खोले गए हैं। खातों में आई रकम का इस्तेमाल आतंकवाद, मानव और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों में किया जा रहा है।


सीबीआई कर रही मामले की जांच


सीबीआई मामले में केस दर्ज कर जांच कर रही है। तभी कॉल कथित तौर पर मुंबई पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई। फिर सीबीआई के कथित डीसीपी प्रवीण सूद और कथित इंस्पेक्टर संजय सिंह ने जांच शुरू करने और गिरफ्तार किए जाने का दावा किया। पीड़ित राजीव इतना डर गए कि गिरफ्तारी और जांच से बचने के लिए उन्होंने जालसाजों के बताए बैंक खातों में तीन बार में अपनी मेहनत से कमाई जमा पूंजी ट्रांसफर कर दी। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 20 जून को उन्होंने आरोपियों के बताए बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में 10 लाख 70 हजार रुपये, 21 जून को 16 लाख 20 हजार रुपये और 25 जून को 32 लाख 60 हजार रुपये ट्रांसफर किए।


वीडियो कॉल पर निगरानी करते रहे


ठगों ने पीड़ित को 18 जून से 30 जून तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इसी बीच पीड़ित बैंक में आरटीजीएस के माध्यम से रुपये भेजने के लिए पहुंचे। इस दौरान जालसाज वीडियो कॉल पर निगरानी करते रहे। रकम ऐंठने के बाद आरोपियों ने मोबाइल बंद कर लिया।


पिछले दो महीने में मामले बढ़े


जिले में पिछले दो माह में डिजिटल अरेस्ट की आठ से अधिक घटनाएं हुई। अधिकतर में पुलिस ने खाता धारकों की पहचान भी कर ली है। इन खातों में एक करोड़ रुपये फ्रीज कराए गए हैं।


महिला अधिवक्ता से भी सवा तीन करोड़ ऐंठ चुके


जालसाज सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रहीं बुजुर्ग महिला को भी डिजिटल अरेस्ट कर तीन करोड़ 29 लाख रुपये ठग चुके हैं। ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही।




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