नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जातिगत जनगणना कराने का फैसला लिया है। इस फैसले को सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम ...
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में जातिगत जनगणना कराने का फैसला लिया है। इस फैसले को सामाजिक न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस पर पीएम मोदी को घेर लिया है और कहा है कि वे अब उसी फैसले का श्रेय ले रहे हैं, जिसका पहले विरोध करते थे।
बैठक में दो अहम प्रस्ताव पास हुए। पहला- ऑपरेशन सिंदूर में सेना की बहादुरी की तारीफ। दूसरा- जातिगत जनगणना को सामाजिक न्याय की दिशा में अहम कदम बताना।
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इस फैसले का समर्थन किया और कहा कि यह एनडीए की सोच का हिस्सा रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार की सरकार (जेडीयू और बीजेपी गठबंधन में) सबसे पहले इस दिशा में आगे आई थी।
एक वीडियो में पीएम मोदी कह रहे हैं: "विपक्ष जाति के नाम पर समाज को बांटता है और आज भी वही पाप कर रहा है।" दूसरे वीडियो में वे जातिगत जनगणना की मांग को "अर्बन नक्सल माइंडसेट (शहरी नक्सली सोच)" बता रहे हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी अब अचानक इस फैसले को अपनी उपलब्धि बताने लगे हैं, जबकि पहले वो इसके खिलाफ थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ और ऑपरेशन सिंदूर चल रहा था, तब सरकार ने जातिगत जनगणना की घोषणा कर दी, ताकि ध्यान भटकाया जा सके।

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