नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा दायर की गई महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करेगा...
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा दायर की गई महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करेगा। यह याचिका दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए उस नोटिस के खिलाफ है, जिसमें उनसे स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के समक्ष ‘शांति बॉन्ड’ (Peace Bond) भरने की मांग की गई थी। मतदाता सूची की प्रक्रिया और अन्य प्रदर्शनों में मुखर रहने वाली नेहा बोरा ने इस नोटिस को रद्द करने के साथ-साथ पुलिस को उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है।
📄 क्या है पूरा मामला और क्या कहती है BNSS की धारा 126? नोटिस को बताया असंवैधानिक और तथ्यों के विपरीत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 17 अक्टूबर को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत जारी नोटिस में नेहा बोरा को SEM के सामने पेश होकर 10,000 रुपये का निजी मुचलका भरने को कहा गया था। उन्हें 'कॉकरोच जनता पार्टी' के मार्च के दौरान 16 अक्टूबर को एहतियातन हिरासत में भी लिया गया था। बोरा के वकील अभीक चिमनी के माध्यम से दायर याचिका में दलील दी गई है कि पुलिस का यह नोटिस अस्पष्ट, तथ्यों के विपरीत और शांतिपूर्ण असहमति को दबाने का प्रयास है, जो संविधान के अनुच्छेद 19 और 21 के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है।

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