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Election Commission Protest: राहुल गांधी और प्रियंका गांधी धरने पर बैठे, दिल्ली में भारी सुरक्षा के बीच 3000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को उग्र रूप ले चुका है। विपक...

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को उग्र रूप ले चुका है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक के तमाम नेता और सांसद संसद भवन से चुनाव आयोग (ECI) मुख्यालय तक मार्च निकालने के लिए सड़कों पर उतरे। सभी नेता ‘Save My Vote’ लिखे स्लोगन और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर हाथों में लेकर आगे बढ़ रहे थे। इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए। हालांकि, पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद राहुल और प्रियंका गांधी धरने पर बैठ गए।

🛡️ 3000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात और कई स्तरों की बैरिकेडिंग: आम आदमी पार्टी और डीएमके ने बनाई मार्च से दूरी

विपक्ष के इस प्रस्तावित और बड़े विरोध प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली जिले में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। संसद मार्ग, चुनाव आयोग कार्यालय और जंतर-मंतर पर 3,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है, जिसमें 27 पुरुष कंपनियां और 4 महिला कंपनियां शामिल हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई है। इस बीच, आम आदमी पार्टी और डीएमके ने इस मार्च से खुद को दूर रखते हुए अलग रहने का फैसला किया है। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेता मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर और मतदान चोरी के गंभीर आरोप लगा रहे हैं।

📅 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर पदयात्राएं और 25 अक्टूबर से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैलियों का ऐलान

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि यह मार्च शांतिपूर्ण रूप से आयोजित किया गया है और इसके तहत आगे की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है। 8 अक्टूबर तक 'इंडिया' गठबंधन की सभी पार्टियां जिला स्तर पर पदयात्राएं और बैठकें आयोजित करेंगी। इसके अलावा, 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर बैठकें होंगी तथा 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक राज्य, जिला और हर गांव में चौपाल लगाकर ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैलियां निकाली जाएंगी, जिसका मुख्य उद्देश्य उन 13.5 करोड़ मतदाताओं की जानकारी जुटाना है जिनके नाम मतदाता सूची से गायब हैं।






 

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