दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए डीटीसी (DTC) बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा को पूरी तरह स्मार्ट, सुगम और टेक्नोलॉजी-बेस्ड बनाने के लिए ‘पिंक...
दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए डीटीसी (DTC) बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा को पूरी तरह स्मार्ट, सुगम और टेक्नोलॉजी-बेस्ड बनाने के लिए ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ व्यवस्था लागू कर दी है। सुचारू रूप से व्यवस्था चलाने के लिए पूर्व में समय सीमा बढ़ाई गई थी ताकि सभी पात्र महिलाओं को रजिस्ट्रेशन कराने का पर्याप्त समय मिल सके। अब तक राजधानी में 19 लाख 05 हजार 889 से ज्यादा ‘पिंक सहेली स्मार्ट कार्ड’ बनाए जा चुके हैं, जो महिलाओं के बीच इसके जबरदस्त रिस्पॉन्स को दर्शाता है।
🏛️ परिवहन मंत्री का आश्वासन: कार्ड बनाने की प्रक्रिया लगातार रहेगी जारी, विशेष कैंपों और केंद्रों का बड़ा नेटवर्क तैयार
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में रहने वाली किसी भी महिला को कार्ड को लेकर घबराने या चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। कार्ड बनाने की प्रक्रिया तब तक निरंतर जारी रहेगी जब तक सभी पात्र महिलाएं इसके दायरे में नहीं आ जातीं। सरकार ने महिलाओं की सुविधा के लिए साउथ, नॉर्थ, ईस्ट और वेस्ट दिल्ली में कुल 38 डीटीसी पिंक पास वितरण केंद्रों का बड़ा नेटवर्क तैयार किया है, साथ ही विभिन्न इलाकों में स्पेशल कैंप भी लगाए जा रहे हैं।
🚌 एनसीएमसी (NCMC) समर्थित है यह आधुनिक सुविधा: ट्रांसजेंडरों के लिए भी उपलब्ध है मुफ्त बस यात्रा का लाभ
यह ‘पिंक सहेली’ स्मार्ट कार्ड नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC-इनेबल्ड) आधारित है, जो दिल्ली में रहने वाली महिलाओं और ट्रांसजेंडरों को डीटीसी की एसी और नॉन-एसी दोनों प्रकार की बसों में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान करता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक परिवहन के आधुनिकीकरण के दौरान माताओं और बहनों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिन महिलाओं ने अभी तक कार्ड नहीं बनवाया है, वे नजदीकी केंद्र या कैंप में जाकर प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।

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