नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने लगा है, जिससे हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज...
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ने लगा है, जिससे हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में दर्ज की गई है। बुधवार को दिल्ली का AQI 244 तक पहुंच गया, जिसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने एहतियात के तौर पर तत्काल प्रभाव से GRAP-1 लागू कर दिया है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने सर्दियों के मौसम में प्रदूषण से निपटने के लिए अपने व्यापक ‘विंटर एक्शन प्लान’ की रूपरेखा तैयार कर ली है। आगामी 1 नवंबर से राजधानी में गाड़ियों के प्रवेश, पार्किंग शुल्क, दफ्तरों के समय और निर्माण कार्यों से जुड़े पांच बड़े नियम प्रभावी हो जाएंगे।
🚫 1 नवंबर से इन 5 बड़े बदलावों का पड़ेगा असर: पुरानी गाड़ियों पर रोक से लेकर डबल पार्किंग फीस और WFH तक लागू
सरकार द्वारा जारी विंटर एक्शन प्लान के तहत 1 नवंबर से कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं:
बाहरी पुरानी गाड़ियों की एंट्री बंद: 1 नवंबर से 31 जनवरी तक बीएस-6 (BS-VI) मानक से नीचे के पेट्रोल-डीजल वाले बाहरी कमर्शियल व अन्य वाहन दिल्ली में प्रवेश नहीं कर सकेंगे, हालांकि इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहनों को छूट दी गई है।
बिना PUC ईंधन नहीं: वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) के बिना पेट्रोल पंपों पर ईंधन नहीं मिलेगा।
50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम: ट्रैफिक और प्रदूषण का दबाव घटाने के लिए सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और अलग-अलग ऑफिस टाइमिंग (MCD सुबह 8:30 और दिल्ली सरकार सुबह 10 बजे) लागू होगी।
दोगुना पार्किंग शुल्क: निजी वाहनों के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए 1 नवंबर से 28 फरवरी तक वैध पार्किंग फीस दोगुनी वसूली जाएगी।
निर्माण कार्यों पर पाबंदी: धूल प्रदूषण रोकने के लिए खुले में सिविल निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों पर रोक रहेगी।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगभग 30 एजेंसियां मिलकर 11 सूत्रीय योजना पर काम कर रही हैं, जिसके तहत 334 विशेष प्रवर्तन टीमें भी तैनात की जा रही हैं।

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