दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को हुए चार मंजिला इमारत ढहने के हादसे में स्थिति बेहद गमगीन बनी हुई है। इस दुर्घटना में मरने वाले लोगों ...
दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को हुए चार मंजिला इमारत ढहने के हादसे में स्थिति बेहद गमगीन बनी हुई है। इस दुर्घटना में मरने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर पांच हो गई है। बुधवार को मलबे से तीन शव बरामद किए जाने के बाद देर रात दो अन्य महिलाओं के शव भी निकाल लिए गए, जबकि घटनास्थल पर मलबा हटाने और खोजबीन का काम अभी भी जारी है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जर्जर हालत वाली आसपास की 9 से 10 अन्य इमारतों को भी पूरी तरह से खाली करा लिया है। इस हृदयविदारक हादसे के बीच उस वक्त एक उम्मीद की किरण जागी, जब मलबे से तीन साल के एक बच्चे को सकुशल बाहर निकाला गया। यह मासूम अपनी दादी की गोद में था और उसकी मां की इस हादसे में जान चली गई।
👶 दादी की गोद में सुरक्षित बचा बच्चा, मां की मौत से उजड़ी दुनिया
घटना के समय बच्चा अपनी दादी सलमा की गोद में ग्राउंड फ्लोर पर था, जबकि उसकी 35 वर्षीय मां नुसरत दूसरी मंजिल से नीचे आ रही थीं, तभी अचानक यह पूरी इमारत भरभराकर ढह गई। मलबे से निकाले जाने के बाद बच्चे को तुरंत गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल ले जाया गया, जहां से गुरुवार सुबह उसे छुट्टी दे दी गई। हालांकि, बच्चा अपनी मां नुसरत के लिए लगातार रो रहा है। बच्चे के पिता अब्दुल हसन ने रोते हुए बताया कि शादी के पांच साल बाद उन्हें यह बेटा हुआ था और वे महज एक महीना पहले ही इस मकान में शिफ्ट हुए थे, क्योंकि उनका पुराना घर पास ही बन रहा था।
🔍 राहत कार्य जारी, मलबे से मिला अन्य महिलाओं का शव
नुसरत का शव मिलने के कुछ घंटों बाद गुरुवार को उनकी 60 वर्षीय मौसी हजरा बीबी का शव भी मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हजरा बीबी के हाथ में उनके घर की चाबियां भी मिलीं, जो उन्होंने अपनी भाभी से मिलने जाने से पहले ताला लगाते वक्त पकड़ी थीं। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन और बचाव दल मौके पर मुस्तैद हैं और मलबे को हटाने का काम पूरी सावधानी के साथ किया जा रहा है, ताकि स्थिति पर पूरी तरह काबू पाया जा सके।

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