बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती के भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले आकाश आनंद एक बार फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद...
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती के भतीजे और राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले आकाश आनंद एक बार फिर से राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। पिछले दस सालों में यह तीसरा मौका है जब उन्हें पार्टी में नंबर दो की हैसियत से हटाकर बड़ी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया है। नोएडा और लंदन से शिक्षा प्राप्त करने वाले आकाश आनंद ने साल 2016 में राजनीति में कदम रखा था और पहली बार 23 मई 2017 को सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में मायावती के साथ मंच साझा किया था।
🔄 2. लोकसभा चुनाव से लेकर अब तक, तीन1 बार पदों से हटाए जाने का पूरा घटनाक्रम और सोशल मीडिया बायो बदलने की चर्चा
आकाश आनंद के राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले हैं। सबसे पहले 7 मई 2024 को लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर और उत्तराधिकारी पद से हटाया गया था। इसके बाद मार्च 2025 में उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया गया, हालांकि अप्रैल में उनकी वापसी हो गई थी। ताजा घटनाक्रम में, गुरुवार को लखनऊ में हुई राष्ट्रीय बैठक के दौरान मायावती ने उन्हें फिर से संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है, जिसके बाद आकाश ने अपने सोशल मीडिया बायो में खुद को सिर्फ एक 'बीएसपी कार्यकर्ता' लिख लिया है।
🏛️ 3. लखनऊ में राष्ट्रीय बैठक के दौरान मायावती का बड़ा ऐलान, कहा— आकाश को अभी राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की है जरूरत
पिछले महीने ही मायावती ने आकाश आनंद को उत्तर प्रदेश में प्रचार और प्रत्याशी चयन की जिम्मेदारी सौंपी थी, हालांकि बाद में टिकट फाइनल करने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को पार्टी की बैठक में मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश आनंद को फिलहाल पार्टी में काम करने की अनुमति तो रहेगी, लेकिन अभी उन्हें राजनीतिक रूप से और अधिक परिपक्व होने की आवश्यकता है, जिसके चलते उन्हें इस समय कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी देना उचित नहीं समझा गया है।

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