बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत जमीन तैयार करने के बाद क्या अब प्रशांत किशोर की पार्टी 'जनसुराज' देश की राजधानी दिल्ली में अपना विस्...
बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत जमीन तैयार करने के बाद क्या अब प्रशांत किशोर की पार्टी 'जनसुराज' देश की राजधानी दिल्ली में अपना विस्तार करने जा रही है? पिछले कुछ दिनों से मीडिया में चल रही इन चर्चाओं के बीच खुद जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. दिल्ली में पार्टी समर्थकों के साथ एक अहम बैठक करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए पीके ने साफ किया कि फिलहाल दिल्ली या किसी अन्य राज्य में पार्टी को लॉन्च करने को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं है, और इसके लिए कम से कम छह महीने तक गहन बातचीत की जाएगी.
🤝 2. दिल्ली में 'नॉन रेसिडेंट बिहारी' (NRB) चैप्टर की शुरुआत, समर्थकों की भूमिका और संगठन को व्यवस्थित करने पर हुई चर्चा
प्रशांत किशोर ने बताया कि उन्होंने भी मीडिया में कयासों से जुड़ी खबरें देखी हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि बिहार के बाहर जनसुराज से जुड़ने वाले सबसे ज्यादा लोग दिल्ली में रहते हैं, जो लगातार मुलाकात करते रहते हैं. इसी कड़ी में दिल्ली में जनसुराज से जुड़े लोगों को एकजुट करने के लिए 'एनआरबी' (नॉन रेसिडेंट बिहारी) का पहला चैप्टर बनाया गया है, जिसमें बिहार के अलावा अन्य राज्यों के लोग भी जुड़े हैं. बैठक का मुख्य उद्देश्य इन सभी लोगों को एक मंच पर लाकर व्यवस्थित करना और उनकी आगामी भूमिका तय करना था.
🎯 3. कम से कम 50 बैठकों और पुख्ता ब्लूप्रिंट के बाद ही होगा कोई फैसला, समस्याओं को हल करने का हो ठोस रोडमैप
पीके ने दो टूक कहा कि सिर्फ विकल्प खुला होने या राजनीतिक शून्यता होने मात्र से किसी दल का विस्तार दूसरे राज्यों में नहीं किया जा सकता. दिल्ली जैसे बड़े शहर में आने के लिए स्थानीय समस्याओं को हल करने का एक बेहतर विजन, ईमानदार लोग, पर्याप्त समय और संसाधनों का होना बेहद जरूरी है. उन्होंने ऐलान किया कि दिल्ली में अभी चर्चाओं का दौर शुरू हुआ है और कम से कम 50 बैठकों के बाद ही यह तय किया जाएगा कि राष्ट्रीय राजधानी में जनसुराज को आधिकारिक रूप से उतारना है या नहीं.

कोई टिप्पणी नहीं