Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Gulmohar Green Society Ghaziabad News: डायरी में मिला प्रताड़ना का जिक्र, जानिए क्यों तनाव में थी गाजियाबाद की यह छात्रा

गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र स्थित गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सातवीं कक्षा की एक छात्रा न...

गाजियाबाद के साहिबाबाद थाना क्षेत्र स्थित गुलमोहर ग्रीन सोसाइटी में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सातवीं कक्षा की एक छात्रा ने हाईराइज बिल्डिंग की 10वीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. मृतका के परिजनों ने स्कूल की गणित (मैथ्स) की टीचर पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं. परिवार का कहना है कि गणित विषय में कम अंक मिलने और पढ़ाई को लेकर लगातार दबाव बनाए जाने के कारण बच्ची भारी तनाव में थी, जिसकी वजह से उसने यह खौफनाक कदम उठाया.

📚 2. परिजनों का दावा- गणित में कम नंबर मिलने से डरी हुई थी बच्ची, क्लास में बेइज्जती होने का सता रहा था लगातार डर

परिजनों ने जानकारी दी कि मृतका पढ़ाई में अन्य विषयों में काफी अच्छी थी और उसे 80 से 90 प्रतिशत तक अंक मिलते थे, लेकिन गणित में उसके नंबर कुछ कम आते थे. परिवार का आरोप है कि स्कूल की मैथ्स टीचर जानबूझकर उसे कम अंक देती थीं और उस पर मानसिक दबाव बनाती थीं. बच्ची के मन में यह गहरा डर बैठ गया था कि स्कूल खुलने पर टीचर उसके साथ दुर्व्यवहार करेंगी और अन्य छात्रों के सामने उसे अपमानित किया जाएगा. परिवार का यह भी कहना है कि छुट्टी के दिनों में भी बच्ची की दिनचर्या में बदलाव आ गया था, जिसे अब वे इस गंभीर मानसिक तनाव से जोड़कर देख रहे हैं.

📋 3. छात्रा की डायरी में भी मिला प्रताड़ना का जिक्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हड्डियों के टूटने की पुष्टि; पुलिस जांच में जुटी

परिवार ने दावा किया है कि घटना के बाद जब उन्होंने बच्ची की डायरी देखी, तो उसमें कथित मानसिक प्रताड़ना और स्कूल के तनाव से जुड़ी बातें लिखी हुई मिलीं. उधर, पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है, और रिपोर्ट में शरीर के कई हिस्सों में हड्डियां टूटने की पुष्टि हुई है. पुलिस अब छात्रा की डायरी और स्कूल के अन्य पहलुओं को आधार बनाकर गहराई से छानबीन कर रही है. इस दुखद घटना ने एक बार फिर बच्चों पर पढ़ाई के बढ़ते मानसिक दबाव और उनके साथ संवाद की जरूरत को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.







 

कोई टिप्पणी नहीं