राजधानी दिल्ली में प्याज की कीमतों और उसकी उपलब्धता को लेकर बन रहे दबाव के बीच दिल्ली सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए एक अहम पहल की है।...
राजधानी दिल्ली में प्याज की कीमतों और उसकी उपलब्धता को लेकर बन रहे दबाव के बीच दिल्ली सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए एक अहम पहल की है। केंद्र सरकार ने दिल्ली के लिए 1,000 मीट्रिक टन प्याज उपलब्ध कराने का फैसला लिया है, जिसे राजधानी की उचित दर दुकानों (राशन की दुकानों) के माध्यम से केवल 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर उपभोक्ताओं को बेचा जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आवश्यक खाद्य वस्तुएं आम नागरिकों की पहुंच से बाहर न हों।
🚐 2. राजधानी के सभी 13 जिलों में मोबाइल वैन के जरिए भी होगी सस्ते प्याज की बिक्री
राशन की दुकानों के अलावा दिल्ली के सभी 13 प्रशासनिक जिलों में विशेष वैन के माध्यम से भी सस्ते प्याज की बिक्री की जाएगी। ये मोबाइल वैन राजधानी के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर लोगों को 35 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज मुहैया कराएंगी। इस व्यवस्था का मुख्य लाभ उन इलाकों के लोगों को मिलेगा, जिन्हें राशन की दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है। इसके जरिए सरकार की कोशिश है कि शहर के हर कोने तक पर्याप्त मात्रा में प्याज की आपूर्ति सुचारू रूप से बनी रहे।
📊 3. केंद्र सरकार के बफर स्टॉक से हो रही है आपूर्ति, त्योहारी सीजन में मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है स्टॉक
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कीमतों पर लगाम लगाने के लिए अपने 'बफर स्टॉक' से राजधानी में रियायती प्याज की खुदरा बिक्री शुरू कर दी है, जो मौजूदा बाजार दरों से करीब 44 फीसदी कम है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के मुताबिक, बाजार में कीमतों में आए उछाल के पीछे जमाखोरी और मुनाफाखोरी मुख्य वजह रही है। हालांकि, त्योहारी सीजन के दौरान मांग को पूरा करने के लिए देश में प्याज का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और फिलहाल निर्यात पर रोक लगाने का कोई विचार नहीं किया गया है।

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