दिल्ली में कई ऐतिहासिक स्मारकों और धरोहरों पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब...
दिल्ली में कई ऐतिहासिक स्मारकों और धरोहरों पर लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी सामने आई है कि हौज खास, जंतर-मंतर और अग्रसेन की बावली सहित कई अन्य स्मारकों में पर्यटकों की एंट्री प्रतिबंधित कर दी गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा इन दिनों इन ऐतिहासिक स्थलों पर संरक्षण, मरम्मत और पर्यटकों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।
🔴 2. लाल किले की 6 खास इमारतें, कुतुब मीनार और हौज खास परिसर के इन हिस्सों में सैलानियों की आवाजाही बंद
आरटीआई रिपोर्ट के मुताबिक, एएसआई के दिल्ली सर्कल ने लाल किले के भीतर स्थित छह प्रमुख इमारतों— हमाम, मोती मस्जिद, दीवान-ए-खास, खास महल, रंग महल और शीश महल में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा रखी है। इनमें से कई पाबंदियां लंबे समय से हैं क्योंकि वहां मौजूद नाजुक संगमरमर और नक्काशी को भीड़ से बचाने की जरूरत है। इसके अलावा हौज खास, कोटला फिरोज शाह कॉम्प्लेक्स, कुतुब मीनार के अंदरूनी हिस्से, हिंदू अवशेष कॉरिडोर और जमाली कमाली के मकबरे के कुछ हिस्सों को भी मरम्मत कार्यों के चलते बंद रखा गया है।
💰 3. स्मारकों के संरक्षण और विकास कार्यों के लिए करोड़ों का बजट खर्च, पिछले कुछ सालों के फंड आवंटन की भी आई जानकारी
आरटीआई के जरिए यह भी पता चला है कि दिल्ली के इन ऐतिहासिक स्थलों के रखरखाव के लिए सरकार द्वारा लगातार बजट आवंटित किया जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021-22 में दिल्ली सर्कल को 19.10 करोड़ रुपये मिले थे, जो बढ़कर 2023-24 में 36.61 करोड़ रुपये तक पहुंच गए। वहीं, 2025-26 के लिए 28.70 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था, जिसका अधिकांश हिस्सा स्मारकों के संरक्षण, मरम्मत और पर्यटक सुविधाओं को उन्नत बनाने के कार्यों पर खर्च किया गया है।

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