दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पूर्व आम आद...
दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB) के कर्मचारी अंकित शर्मा की सनसनीखेज हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (आप) पार्षद ताहिर हुसैन की सजा को चुनौती देने वाली अपील को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने इस मामले में बुधवार को दिल्ली पुलिस को आधिकारिक रूप से नोटिस जारी किया है। कड़कड़डूमा कोर्ट की विशेष अदालत ने इससे पहले ताहिर हुसैन को इस मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उनके वकीलों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
🏛️ 2. ताहिर हुसैन के वकील की दलीलें और कोर्ट द्वारा रिकॉर्ड तलब, 2 दिसंबर को होगी सभी अपीलों पर एक साथ सुनवाई
सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव मोहन ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को केवल एक मुख्य अपराध के लिए दोषी माना गया है, जबकि अन्य में केवल उकसावे का आरोप है। साथ ही अभियोजन पक्ष के गवाहों के बयानों को निचली अदालत द्वारा गलत ढंग से परखने की बात कही गई। दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश विशेष लोक अभियोजक रजत नायर ने अदालत को बताया कि अन्य दोषियों की अपीलें भी पेंडिंग हैं। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित अपीलों को 2 दिसंबर को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
🛑 3. अंकित शर्मा के शरीर पर मिले थे 51 जख्म, नाले से बरामद हुआ था आईबी कर्मी का शव
उल्लेखनीय है कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई भयंकर हिंसा के दौरान आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा लापता हो गए थे, जिनके पिता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में उनका शव एक नाले से बरामद हुआ था और जीटीबी अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया था। अंकित की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर धारदार हथियारों और भारी वस्तुओं से किए गए हमलों के कुल 51 गंभीर घावों का उल्लेख किया गया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में ताहिर हुसैन के अलावा जावेद, अनस, नाजिम और कासिम को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

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