नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित एसटीपी (STP) टेंडर घोटाले के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) ...
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित एसटीपी (STP) टेंडर घोटाले के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की जमानत याचिका पर अपना आदेश 3 सितंबर तक सुरक्षित रख लिया है।
अदालत में सुनवाई पूरी होने के बाद बाहर निकलते समय सत्येंद्र जैन ने 'सत्यमेव जयते' कहा।
🚔 दिल्ली एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने 6 लोगों को किया है गिरफ्तार
मामले की पृष्ठभूमि और गिरफ्तार आरोपी:
गिरफ्तार अधिकारी व नेता: दिल्ली एसीबी ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) प्रोजेक्ट की टेंडर प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार के आरोप में पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और डीजेबी के पूर्व सीईओ व आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय को गिरफ्तार किया है।
अन्य आरोपी: मामले में डीजेबी के पूर्व सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा भी आरोपी हैं।
🏥 आईएएस उदित प्रकाश राय को क्लॉस्ट्रोफोबिया, कोर्ट ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पेशी की दी अनुमति
अदालती आदेश और आरोपियों की उपस्थिति:
"विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने सत्येंद्र जैन की जमानत अर्जी पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित किया। सुनवाई के दौरान उदित प्रकाश राय, पंकज वर्मा और राज कुमार कुर्रा कोर्ट में मौजूद थे। आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय ने क्लॉस्ट्रोफोबिया (बंद जगहों से डर) और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर 3 सितंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए पेशी की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।"
🗣️ बचाव पक्ष की दलील: "नीतिगत फैसलों में हस्तक्षेप न करे अदालत, जैन ने किया पूरा सहयोग"
सीनियर एडवोकेट एन. हरिहरन और विवेक जैन की मुख्य दलीलें:
गिरफ्तारी की जरूरत पर सवाल: मई 2024 में एफआईआर दर्ज होने के 27 महीने बाद सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया गया, जबकि उन्होंने हमेशा जांच में सहयोग किया।
तकनीकी समिति की सिफारिश: एसटीपी की क्षमता 15 से बढ़ाकर 25 एमजीडी करने का फैसला टेक्निकल कमेटी की सिफारिश पर आधारित एक नीतिगत निर्णय था।
ईडी मामला और जमानत शर्तें: ईडी द्वारा दर्ज मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया था। आरोपी के देश छोड़कर भागने का कोई खतरा नहीं है, इसलिए अदालत शर्तें लगाकर जमानत दे सकती है।
🚫 एसीबी का कड़ा विरोध: "शुरुआती चरण में है जांच, आरोपी ने नहीं किया सहयोग"
सरकारी वकील मनीष रावत की दलीलें:
"एसीबी की ओर से पेश हुए सरकारी वकील मनीष रावत ने जमानत अर्जी का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और आरोपी ने जांच में सहयोग नहीं किया है। उन्होंने कोर्ट से कहा कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, इसलिए इस मोड़ पर जमानत नहीं दी जानी चाहिए।"
📋 डीजेबी एसटीपी घोटाला मामला एक नजर में
सुनवाई का संक्षिप्त ब्योरा:
| विषय | विवरण |
| संबंधित मामला | दिल्ली जल बोर्ड (DJB) सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर घोटाला |
| मुख्य आरोपी | सत्येंद्र जैन (पूर्व मंत्री), उदित प्रकाश राय (पूर्व सीईओ/आईएएस) |
| जांच एजेंसी | एंटी करप्शन ब्रांच (ACB), दिल्ली |
| अगली तारीख / आदेश | 3 सितंबर (जमानत पर फैसला सुनाया जाएगा) |

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