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Ramesh Bidhuri On Pawan Khera: "शीला दीक्षित के जूते-चप्पल उठाते थे पवन खेड़ा", रमेश बिधूड़ी का तीखा हमला

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया टीम के अध्यक्ष पवन खेड़ा पर बेहद ...

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने कांग्रेस की राष्ट्रीय मीडिया टीम के अध्यक्ष पवन खेड़ा पर बेहद तीखा हमला बोला है।

बिधूड़ी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पवन खेड़ा का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शीला दीक्षित के कार्यकाल में पवन खेड़ा उनके कार्यालय में केवल जूते-चप्पल उठाने वाले कर्मचारी थे। उन्होंने खेड़ा द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों पर कड़ी आपत्ति जताई।

⚠️ 'असम प्रकरण भूल गए क्या?': बीजेपी नेता ने दी तथ्यों के साथ मुंह खोलने की चेतावनी

रमेश बिधूड़ी की सोशल मीडिया पोस्ट का मुख्य अंश:

  • हैसियत और मर्यादा: बिधूड़ी ने कहा, "पवन खेड़ा जी, सम्मानित गृह मंत्री जी के बारे में अभद्र टिप्पणी करने से पहले अपनी हैसियत देखें। आप शीला दीक्षित जी के कार्यालय में मात्र चप्पलें उठाने वाले कर्मचारी थे।"

  • असम केस का जिक्र: उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वह जानते हैं कि शीला सरकार के दौरान खेड़ा का क्या काम था। उन्होंने सवाल किया, "असम प्रकरण भूल गए क्या? मैं भी तब विधायक था। यदि मैंने तथ्यों के साथ मुंह खोला तो चोरों की तरह छुपते फिरोगे।"

💬 सुप्रिया श्रीनेत और राहुल गांधी पर भी साधा निशाना: थाने में अमित शाह की फोटो पर शुरू हुई सियासत

कांग्रेस प्रवक्ता और राहुल गांधी पर टिप्पणी:

"पवन खेड़ा के अलावा बिधूड़ी ने कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत पर भी निशाना साधा। राहुल गांधी के एक वीडियो का जिक्र करते हुए, जिसमें वे थाने में लगी गृह मंत्री की तस्वीर पर सवाल उठा रहे थे, बिधूड़ी ने कहा— 'दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन आती है और प्रोटोकॉल के तहत थाने में देश के गृह मंत्री की फोटो लगना स्वाभाविक है। सुप्रिया श्रीनेत ऐसे बयान देकर राहुल जी की छवि को और नुकसान पहुंचा रही हैं।'

🏛️ दिल्ली राजनीति में बढ़ा सियासी पारा: सोशल मीडिया पर वार-पलटवार जारी

राजनीतिक निहितार्थ:

  • प्रोटोकॉल का हवाला: भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने स्पष्ट किया कि दिल्ली पुलिस की प्रशासनिक व्यवस्था गृह मंत्रालय के अंतर्गत आती है, इसलिए सरकारी कार्यालयों और पुलिस स्टेशनों में आधिकारिक तस्वीरें लगाना नियम अनुसार है।

  • बयानबाजी तेज: पूर्व सांसद के इस सख्त बयान के बाद दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी का दौर और तेज हो गया है।







 

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