नोएडा के छिजारसी गांव के डूब क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध बिजली कनेक्शन चलने का बड़ा खुलासा हुआ है। इन कनेक्शनों के जरिए कॉलोनियों के ठे...
नोएडा के छिजारसी गांव के डूब क्षेत्र में 13 हजार से अधिक अवैध बिजली कनेक्शन चलने का बड़ा खुलासा हुआ है। इन कनेक्शनों के जरिए कॉलोनियों के ठेकेदार और लाइनमैन मिलकर करोड़ों रुपये की अवैध उगाही कर रहे हैं। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन उत्तर प्रदेश की गोपनीय रिपोर्ट में इस बात का खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल से जवाब-तलब किया है। अनुमान के मुताबिक, इन अवैध कनेक्शनों की वजह से हर महीने करीब 65 करोड़ और सालाना लगभग 780 करोड़ रुपये के राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है।
🕵️♂️ 2. लखनऊ की गोपनीय जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा, चोटपुर और छिजारसी समेत कई कॉलोनियों में चल रहा खेल
डूब क्षेत्र के चोटपुर, छिजारसी, बहलोलपुर, सोरखा, कुलेसरा और हल्दौनी आदि कॉलोनियों में करीब 70 हजार से अधिक परिवार रहते हैं। लखनऊ से आई जांच एजेंसी की गोपनीय रिपोर्ट में सामने आया कि विद्युत निगम के अधिकारियों द्वारा नियुक्त ठेकेदार लोगों से अवैध कनेक्शन देने के नाम पर 25 से 30 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। इसके अलावा स्ट्रीट पोल से तार जोड़कर, कटिया डालकर और नलकूप के कनेक्शनों से बड़े पैमाने पर बिजली चोरी की जा रही है, जबकि पक्के मकानों में वैध कनेक्शन देने से कतराया जा रहा है।
🚨 3. एक्शन में बिजली विभाग: शनिवार को चलाए गए बड़े अभियान में 3 हजार से अधिक अवैध कनेक्शन काटे गए
शासन स्तर से सख्ती बरतने के बाद विद्युत निगम की संयुक्त टीमों ने शनिवार को छिजारसी और चोटपुर गांव की कॉलोनियों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस विशेष अभियान के दौरान 3 हजार से अधिक अवैध बिजली कनेक्शनों को काट दिया गया और एलटी तथा 11 केवी के तार जब्त कर लिए गए। बिजली चोरी करते रंगे हाथों पकड़े जाने पर 19 लोगों के खिलाफ स्थानीय थानों में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि सेक्टर-63 के जी ब्लॉक फीडर पर अत्यधिक लाइन लॉस मिलने के कारण यह कार्रवाई शुरू की गई है, जो आगे भी जारी रहेगी।
⚠️ 4. अधिकारियों की दलील: डूब क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान टीमों पर हो चुकी है मारपीट और विरोध प्रदर्शन
मुख्य अभियंता एस.के. जैन ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि डूब क्षेत्र में वैध कनेक्शन देने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है जिसपर शासन स्तर से निर्णय लिया जाना बाकी है। उन्होंने यह भी बताया कि जब भी विभाग द्वारा बिजली चोरी के खिलाफ शिकंजा कसने का प्रयास किया जाता है, तो स्थानीय लोग धरना-प्रदर्शन शुरू कर देते हैं और कई बार चेकिंग के दौरान अभियंताओं व कर्मचारियों के साथ मारपीट तक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

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