नोएडा: नोएडा प्राधिकरण ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-148 और सेक्टर-150 के बीच प्रस्तावित नए फ्लाईओवर का आधिकारिक डिजाइन जारी...
यमुना पुस्ते के पास स्थित सेक्टर-150 को अब सीधे एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड से जोड़ा जाएगा। प्राधिकरण ने डिजाइन को अंतिम रूप दे दिया है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
🌊 सफीपुर अंडरपास के जाम और जलभराव से मिलेगी स्थायी मुक्ति: जानिए कैसे काम करेगा नया रूट
यातायात की वर्तमान समस्या और समाधान:
पुरानी समस्या: वर्तमान में सेक्टर-150 आने-जाने के लिए सफीपुर गांव के पास बने संकरे और पुराने अंडरपास पर निर्भर रहना पड़ता है, जहां बारिश के दौरान भीषण जलभराव हो जाता है।
नोएडा से जाने वाले वाहन: सेक्टर-148 की तरफ मौजूदा अंडरपास से पहले फ्लाईओवर का लूप बनेगा, जिस पर नोएडा की दिशा से आने वाले वाहन सर्विस रोड से बाएं मुड़कर चढ़ेंगे।
सेक्टर-150 के लिए मार्ग: सेक्टर-153 के पास फ्लाईओवर का लूप सेक्टर-150 की ओर जाने वाली 45 मीटर चौड़ी सड़क पर उतरेगा, जिससे वाहन सीधे सेक्टर-152, 149 और 150 पहुंच सकेंगे।
ग्रेटर नोएडा व दिल्ली की ओर वापसी: सेक्टर-150 से आने वाले वाहन सेक्टर-153 की तरफ बने लूप से चढ़कर सेक्टर-148 की तरफ उतरेंगे और सीधे ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे या नोएडा-दिल्ली की ओर जा सकेंगे।
🚗 अंडरपास के तीखे मोड़ और दैनिक जाम से निजात: इन प्रमुख सेक्टरों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रभावित क्षेत्र और कनेक्टिविटी:
"नोएडा की ओर से आने वाले वाहनों को अभी सफीपुर अंडरपास से दाहिने मुड़कर जाना पड़ता है, जहां तीखे मोड़ और कम चौड़ाई के कारण सुबह-शाम भीषण जाम लगता है। इस नए फ्लाईओवर के शुरू होने से सेक्टर-145, 146, 147, 148, 149, 150, 151, 152 और 153 में रहने वाले लोगों का सफर आसान और सुरक्षित हो जाएगा।"
🏢 40 हजार फ्लैट्स और इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम: भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना
क्षेत्रीय विकास और प्रोजेक्ट्स:
हाउसिंग सोसाइटीज: सेक्टर-150 में करीब 50 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें से 16 में पजेशन हो चुका है और लोग रह रहे हैं। यहां कुल 40 हजार से अधिक फ्लैट्स बन रहे हैं।
स्पोर्ट्स सिटी-1: सेक्टर-150 में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में वाहनों का दबाव और बढ़ेगा।
प्राधिकरण का दावा: फ्लाईओवर का निर्माण पूरा होने के बाद न केवल एक्सप्रेसवे का ट्रैफिक स्मूथ होगा, बल्कि रिहायशी सोसायटियों के लिए कनेक्टिविटी भी कई गुना बेहतर हो जाएगी।

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