उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन की बेटी अब विश्व मंच पर भारत का परचम लहराने के लिए पूरी तरह तैयार है। फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का खिताब...
उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन की बेटी अब विश्व मंच पर भारत का परचम लहराने के लिए पूरी तरह तैयार है। फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 का खिताब जीत चुकीं निकिता पोरवाल 73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं।
वियतनाम में आयोजित होने जा रही इस प्रतिष्ठित विश्वस्तरीय प्रतियोगिता में दुनिया के 120 देशों की प्रतिभागियों के बीच निकिता विश्व सुंदरी के ताज के लिए अपनी दावेदारी पेश करेंगी। अभिनय, लेखन, थिएटर, समाज सेवा और समृद्ध भारतीय संस्कृति से जुड़ी उनकी अनूठी पहचान उन्हें महज एक ब्यूटी क्वीन नहीं, बल्कि एक सशक्त भारतीय प्रतिनिधि बनाती है।
🎭 उज्जैन से विश्व मंच तक का प्रेरणादायक सफर: 8 साल की उम्र में लिखी थी पहली किताब
वियतनाम रवाना होने से पहले फोन पर विशेष बातचीत करते हुए निकिता ने अपनी निजी जिंदगी के पन्नों को साझा किया। उनका जन्म उज्जैन में हुआ और उन्होंने परफॉर्मिंग आर्ट्स में ग्रेजुएशन किया है।
बचपन से ही अभिनय और साहित्य में गहरी रुचि रखने वाली निकिता ने महज 8 साल की उम्र में अपनी पहली किताब 'Smiles All The Way' लिखी थी। इसके बाद उन्होंने 350 पन्नों का विस्तृत नाटक 'कृष्णा लीला' रचा। वह अब तक 60 से अधिक नाटकों में मंच पर शानदार अभिनय कर चुकी हैं।
🎶 थिएटर, कला और बहुमुखी प्रतिभा की मिसाल: 10,000 दर्शकों के सामने निभाया माता सीता का किरदार
निकिता केवल एक मॉडल नहीं, बल्कि अभिनेत्री, लेखिका, नाटककार और कुशल थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। वह 'रंगरेज' थिएटर कंपनी में क्रिएटिव डायरेक्टर के रूप में युवा कलाकारों को मार्गदर्शन और मंच प्रदान करती हैं।
शास्त्रीय नृत्य, कविता लेखन, संगीत के साथ-साथ हरमोनियम और बांसुरी जैसे वाद्ययंत्र बजाने में उनकी विशेष रुचि है। निकिता 10,000 दर्शकों से भरे भव्य मंच पर रामलीला के दौरान माता सीता का अभिनय भी कर चुकी हैं।
🌱 'MAATI' प्रोजेक्ट के जरिए समाज सेवा की मिसाल: 'Beauty With A Purpose' पहल
निकिता की पहचान केवल ग्लैमर की दुनिया तक सीमित नहीं है। उनका Beauty With A Purpose प्रोजेक्ट 'MAATI - Empowering the Keepers of Our Roots' आदिवासी महिलाओं और बच्चों के जीवन को संवारने का एक अनूठा प्रयास है।
इस पहल के तहत उन्होंने दूरदराज के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर जमीनी स्तर पर काम किया है। निकिता का उद्देश्य आदिवासी संस्कृति को संरक्षित करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना है।
🌏 73वीं मिस वर्ल्ड में भारत की उम्मीदें: क्या फिर भारत आएगा विश्व सुंदरी का ताज?
निकिता का कहना है कि उनकी नजरें मिस वर्ल्ड के प्रतिष्ठित ताज पर हैं। वियतनाम में 120 से अधिक देशों की प्रतिभाशाली सुंदरियों के बीच खुद को साबित करना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन देश के प्रमुख विशेषज्ञों द्वारा पिछले कई महीनों में उनकी विशेष ग्रूमिंग और ट्रेनिंग कराई गई है।
भारत की ओर से अंतिम बार साल 2017 में मानुषी छिल्लर ने मिस वर्ल्ड का खिताब जीता था। इससे पहले रीता फारिया (1966), ऐश्वर्या राय (1994), डायना हेडन (1997), युक्ता मुखी (1999) और प्रियंका चोपड़ा (2000) यह गौरव भारत के नाम कर चुकी हैं। अब पूरे देश की निगाहें वियतनाम के ग्रैंड फिनाले पर टिकी हैं, जहाँ हर भारतीय यही उम्मीद कर रहा है कि उज्जैन की बेटी निकिता पोरवाल एक बार फिर इतिहास रचेंगी।
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