गाजियाबाद: गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है...
गाजियाबाद: गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा और श्रद्धालुओं के पैदल आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
डीसीपी ग्रामीण के निर्देश पर यातायात पुलिस ने एक्सप्रेसवे पर विभिन्न स्थानों पर मजबूत बैरियर और स्पष्ट साइनेज बोर्ड लगाकर मार्ग को नियंत्रित किया है। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है ताकि श्रद्धालुओं को पूर्व निर्धारित सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों की ओर भेजा जा सके।
⚠️ हाई-स्पीड कॉरिडोर होने के कारण लिया गया फैसला: सुरक्षा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील
एडीसीपी ट्रैफिक वरुण कुमार सिंह ने बताया कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे एक हाई-स्पीड कॉरिडोर है, जहाँ वाहनों की गति अत्यधिक तेज रहती है। ऐसे में कांवड़ियों का पैदल आवागमन सुरक्षा की दृष्टि से बेहद जोखिमभरा हो सकता है।
इसी संभावित खतरे को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रा और पैदल चलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर व अन्य माध्यमों से शिवभक्तों को जागरूक कर रहा है ताकि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित कांवड़ मार्गों का ही इस्तेमाल करें।
🙏 प्रशासन की कांवड़ियों और वाहन चालकों से अपील: ट्रैफिक नियमों का करें कड़ाई से पालन
एडीसीपी ट्रैफिक ने सभी शिवभक्त कांवड़ियों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में एक्सप्रेसवे पर प्रवेश न करें और केवल निर्धारित रूट से ही अपनी पवित्र यात्रा पूरी करें। इसके साथ ही उन्होंने आम वाहन चालकों से भी यातायात नियमों का पालन करने और पुलिस के निर्देशों में सहयोग करने का आग्रह किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पूरे यातायात तंत्र पर लगातार सीसीटीवी (CCTV) और ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं व आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

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