Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Parliament Session Hungama: संसद में राम मंदिर चढ़ावे पर संग्राम, गलियारों में बांकीपुर-दतिया उपचुनाव हार-जीत का हिसाब

नई दिल्ली: संसद सत्र का 12वां दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। एक तरफ जहाँ संसद के भीतर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर तीखा संग्राम ...


नई दिल्ली: संसद सत्र का 12वां दिन भी भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। एक तरफ जहाँ संसद के भीतर राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों पर तीखा संग्राम छिड़ा रहा, वहीं दूसरी तरफ संसद के गलियारों में बिहार के बांकीपुर और मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव की हार-जीत का सियासी हिसाब-किताब होता रहा। विपक्ष जहाँ उपचुनाव के नतीजों को लेकर बीजेपी को आईना दिखाने में जुटा था, वहीं बीजेपी रोजगार के आंकड़ों का रिपोर्ट कार्ड लेकर अपने बचाव में खड़ी थी।

मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित धांधली को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। सदन में जमकर नारेबाजी हुई, तख्तियां लहराई गईं और कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स संशोधन से जुड़ा विधेयक पेश तो किया, लेकिन बहस से ज्यादा बुलंद नारे सुनाई देते रहे।

🗣️ खरगे बनाम किरेन रिजिजू: राम के नाम पर गरमाई राजनीति

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आरोपों का जवाब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखे तेवरों में दिया। उन्होंने विपक्ष को याद दिलाया कि राम मंदिर निर्माण का सबसे ज्यादा विरोध किसने किया था और कहा कि अब वही लोग राम के नाम पर घटिया राजनीति कर रहे हैं।

हालाँकि, संसद के गलियारों में चर्चा का विषय बिल्कुल अलग था। वहाँ सबसे ज्यादा चर्चा बांकीपुर और दतिया उपचुनाव के नतीजों को लेकर थी। बीजेपी सांसद हार के कारणों का अपना-अपना गणित समझाते दिखे, तो वहीं विपक्ष के चेहरों पर बीजेपी की हार को लेकर मुस्कान साफ नजर आ रही थी।

🗳️ प्रियंका गांधी का बीजेपी पर हमला: 'जनता बीजेपी से ऊब चुकी है, यह सिर्फ शुरुआत है'

बांकीपुर और दतिया की हार ने बीजेपी के अंदरूनी खेमे में भी हलचल बढ़ा दी है। संसद के गलियारों में कोई संगठन की रणनीति पर सवाल उठा रहा था, तो कोई इसे महज एक स्थानीय उपचुनाव बताकर आगे बढ़ने की सलाह दे रहा था।

उधर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इस मौके को भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि दतिया और बांकीपुर के नतीजे साफ बता रहे हैं कि देश की जनता अब बीजेपी से पूरी तरह ऊब चुकी है और यह आने वाले बड़े राजनीतिक बदलाव का महज एक 'ट्रेलर' है।

🛡️ बीजेपी सांसद का पलटवार: 'उपचुनाव के नतीजों से विधानसभा का मौसम नहीं तय होता'

प्रियंका गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए बीजेपी सांसद विवेक ठाकुर ने कहा कि राजनीति में हार और जीत एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव के बाद संगठन स्तर पर समीक्षा होती है और इस बार भी होगी।

उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी कई उपचुनावों में पार्टी को झटका लगा था, लेकिन जब विधानसभा चुनाव आए तो बीजेपी का स्ट्राइक रेट 90 प्रतिशत तक पहुँचा। यानी बीजेपी का स्पष्ट कहना है कि उपचुनाव के नतीजों को देखकर आने वाले विधानसभा चुनावों का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

💼 एनडीए संसदीय दल की बैठक: सरकार ने पेश किया 17 करोड़ नौकरियों का रिपोर्ट कार्ड

सदन के बाहर जहाँ विपक्ष बेरोजगारी और उपचुनाव के नतीजों को लेकर हमलावर था, वहीं संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई NDA संसदीय दल की बैठक का पूरा फोकस रोजगार पर रहा।

देश के युवाओं (Gen-Z) के बीच रोजगार और अवसरों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सांसदों के सामने सरकार का रोजगार रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया।

📊 2014 से 2024 के बीच 17 करोड़ नए रोजगार का दावा

एनडीए बैठक में दावा किया गया कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच भारत में 17 करोड़ से ज्यादा नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इसके साथ ही स्किल डेवलपमेंट (Skill Development) और सोशल सिक्योरिटी (Social Security) के क्षेत्र में पिछले एक दशक में हुए अभूतपूर्व बदलावों का विस्तृत ब्यौरा दिया गया।

यानी जहाँ सदन के बाहर विपक्ष बेरोजगारी को मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रहा था, वहीं अंदर एनडीए बैठक में सरकार 17 करोड़ नौकरियों के आंकड़ों के साथ अपना पक्ष मजबूती से रखती नजर आई।







 

कोई टिप्पणी नहीं