नई दिल्ली: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी (AAP) के...
नई दिल्ली: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और कांग्रेस के पूर्व सांसद संदीप दीक्षित ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को लेकर बेहद तीखा बयान दिया है।
संदीप दीक्षित ने कहा कि केजरीवाल को किसी भी विषय की गंभीरता या गहराई से समझ नहीं है और वे केवल राजनीतिक माइलेज हासिल करने के लिए बिना किसी आधी-अधूरी जानकारी के राजनीति करते हैं। ई-20 पेट्रोल के मुद्दे पर AAP प्रमुख द्वारा पीएम आवास तक निकाले गए मार्च पर प्रतिक्रिया देते हुए दीक्षित ने केजरीवाल की तुलना 'मौसमी मेंढक' से कर डाली, जो बिना किसी ठोस उद्देश्य के केवल उछलते-कूदते रहते हैं।
🎙️ 'इथेनॉल का मुद्दा अचानक याद आ गया': समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में बोला हमला
एक समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए संदीप दीक्षित ने पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा:
"पता नहीं आप उनको क्यों इतनी गंभीरता से लेते हैं? कौन सा ऐसा विषय है, जिसकी उनको गहरी समझ या पकड़ है? वो तो बस कोई भी राजनीतिक विषय पकड़ लेते हैं। जब छात्रों का मुद्दा हुआ तो मंच पर जाकर चढ़ गए, वहां वाहवाही नहीं मिली तो इथेनॉल का मुद्दा तो बड़े दिनों से चल रहा था, अचानक इनको इथेनॉल याद आ गया। इनको लगा वहां फेल हो गए, तो अब इथेनॉल के चक्कर में चलते हैं। आप उन्हें गंभीरता से मत लिया करो, ये तो वो मौसमी मेंढक हैं, जो केवल कूदते रहते हैं।"
🗳️ बिहार के बांकीपुर में भाजपा की हार पर प्रतिक्रिया: 'यह देश से भाजपा के सफाए की शुरुआत है'
उधर, बिहार के बांकीपुर में हुए उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी की जीत और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए संदीप दीक्षित ने कहा कि स्थानीय वजह क्या रहीं, वो तो वहां के क्षेत्रीय नेता बेहतर बता पाएंगे, लेकिन प्रधानमंत्री की घटती लोकप्रियता और जनविरोधी नीतियों का असर अब समाज में साफ दिखने लगा है।
उन्होंने आगे कहा:
"अब भाजपा उन जगहों पर भी हारने लगी है, जो कभी उनका मजबूत गढ़ मानी जाती थीं। और यह हार किसी छोटे-मोटे मार्जिन से नहीं, बल्कि अच्छे-खासे अंतर से हुई है। बहुकोणीय मुकाबले में भी अगर भाजपा का वोट बैंक खिसक रहा है, तो यह स्पष्ट संकेत है। भाजपा को 35 से 40 प्रतिशत से ज्यादा वोट नहीं मिल रहा है। अगर विरोधी 60-65 प्रतिशत वोट एकजुट होने लगा, तो ये लोग पूरी तरह साफ हो जाएंगे। मुझे लगता है कि यह देश से भाजपा के सफाए की शुरुआत है, जिसकी पहल बांकीपुर से हुई है।"
⚖️ उदयनिधि स्टालिन के बयान और कार्रवाई पर प्रतिक्रिया: 'आपत्तिजनक बयानों पर सरकार को करनी चाहिए कार्रवाई'
वहीं तमिलनाडु विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के आपत्तिजनक बयान को लेकर हुई उनकी गिरफ्तारी के सवाल पर संदीप दीक्षित ने कहा कि उन्होंने पूरा बयान नहीं सुना है, लेकिन कानून का पालन होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर किसी ने ऐसा बयान दिया है जिससे किसी का अपमान होता है, समाज में घृणा फैलती है, मानहानि होती है या व्यक्तिगत रूप से अभद्र आरोप लगाए जाते हैं, तो सरकार को नियमानुसार सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र में पक्ष-विपक्ष के बीच राजनीतिक वाद-विवाद चलते रहते हैं, लेकिन मर्यादा का ध्यान रखा जाना जरूरी है।

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