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Nepal Rasuwa Glacier Collapse: 5200 मीटर की ऊंचाई से टूटा ग्लेशियर, 160 की मौत व सैकड़ों भारतीय लापता

नेपाल के रसुवा जिले में आई भयानक फ्लैश फ्लड ने भीषण तबाही मचाई है, जिसमें 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 133 भारतीयों समेत 750 से अध...

नेपाल के रसुवा जिले में आई भयानक फ्लैश फ्लड ने भीषण तबाही मचाई है, जिसमें 160 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 133 भारतीयों समेत 750 से अधिक लोग लापता हैं।

प्राप्त सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चला है कि इस तबाही की मुख्य वजह 'ग्लेशियर कॉलैप्स' (Glacier Collapse) है। लगभग 5,200 मीटर की ऊंचाई से ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर लगभग 1,200 मीटर नीचे घाटी में जा गिरा, जिससे बर्फ, चट्टान और मलबे का विशाल सैलाब यानी 'आइस-रॉक एवलॉन्च' (Ice-Rock Avalanche) पैदा हुआ।

🌋 ग्लेशियर कॉलैप्स में भूकंप का कितना रोल? USGS और भू-वैज्ञानिकों का विश्लेषण

आपदा के पीछे के वैज्ञानिक कारण:

  • भूकंपीय भ्रम: घटना के तुरंत बाद इसे भूकंप से जोड़कर देखा गया, लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, जो कंपन दर्ज हुआ वह असल में भारी मात्रा में बर्फ और चट्टानों के नीचे गिरने से पैदा हुई सेसिमिक एनर्जी थी।

  • विशेषज्ञों की राय: भू-वैज्ञानिक प्रकाश पोखरेल और सिक्किम यूनिवर्सिटी के एक्सपर्ट विक्रम गुप्ता के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरें साफ दर्शाती हैं कि ग्लेशियर के निचले भाग के टूटने से भारी मात्रा में मलबे का बहाव शुरू हुआ।

🏔️ क्या होता है 'ग्लेशियर कॉलैप्स'? जानिए कैसे बनती है यह तबाही

प्रक्रिया और कारण:

"ग्लेशियर पहाड़ों पर वर्षों से जमा बर्फ की विशाल परत होती है। तापमान में वृद्धि, तेजी से बर्फ पिघलने, बारिश, या निर्माण गतिविधियों के कारण जब ग्लेशियर अस्थिर हो जाता है, तो उसका बड़ा हिस्सा अचानक टूटकर गिरता है। गिरती हुई बर्फ अपने साथ मिट्टी और चट्टानें समेट लेती है, जो घाटी में पहुंचकर विनाशकारी फ्लैश फ्लड का रूप ले लेती है।"

📞 आपदा प्रबंधन और सहायता: भारत व नेपाल सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर

इमरजेंसी संपर्क सूत्र:

  • काठमांडू भारतीय दूतावास हेल्पलाइन: +977 985 131 6807 | +977 970 910 7500

  • बीजिंग भारतीय दूतावास (WhatsApp): 0086 185 1428 4905

  • नेपाल पर्यटन बोर्ड: टोल-फ्री 1234 | हॉटलाइन 1144 | टूरिस्ट पुलिस 9851289445







 

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