नेपाल-तिब्बत सीमा के पास मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 160 से अधिक लोगों के श...
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास मध्य नेपाल के जिलों में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है।
अब तक 160 से अधिक लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। तबाही इस कदर भीषण थी कि कई गांव, सड़कें, मकान और पुल नदी के तेज बहाव में बह गए। इस प्राकृतिक आपदा में 133 भारतीय नागरिकों समेत 750 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं।
🏔️ विदेशी पर्यटक और मानसरोवर यात्री फंसे: कई देशों के नागरिक लापता
लापता लोगों का विवरण:
विदेशी नागरिक: नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, लापता पर्यटकों में भारत के 133+, अमेरिका के 54, यूक्रेन के 53, ऑस्ट्रेलिया के 34 और इंग्लैंड के 33 नागरिक शामिल हैं।
तीर्थयात्री व संस्थाएं: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कम से कम 59 भारतीय श्रद्धालु लापता हैं। इसके अलावा ईशा फाउंडेशन के भी 77 सदस्यों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
बुनियादी ढांचे को नुकसान: नेपाल के रसुवा इलाके में भोटेकोशी और त्रिशूली नदी में उफान से कई जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं और दर्जनों पुलिस व सेना के जवान भी लापता हैं।
📞 भारत सरकार ने बढ़ाये मदद के हाथ: काठमांडू दूतावास ने जारी किए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर
राहत और बचाव कार्य:
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से दूरभाष पर बातचीत कर हरसंभव मानवीय सहायता का आश्वासन दिया है। भारत की ओर से राहत सामग्री की पहली खेप (कंबल, सोलर लाइट, स्लीपिंग बैग्स आदि) रवाना कर दी गई है। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीयों के लिए +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।"
🚨 नेपाल पर्यटन बोर्ड और विभिन्न राज्यों द्वारा जारी आपातकालीन नंबर
मदद के लिए संपर्क सूत्र:
नेपाल पर्यटन बोर्ड: टोल-फ्री 1234 | हॉटलाइन 1144 | टूरिस्ट पुलिस 9851289445
बीजिंग भारतीय दूतावास: 0086 185 1428 4905 (व्हाट्सऐप उपलब्ध)
राज्य स्तरीय हेल्पलाइन: तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकारों ने भी अपने-अपने राज्यों के फंसे हुए नागरिकों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं।

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