इजराइल और तुर्की के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सीरिया के उत्तर-पश्चिमी इदलिब प्रांत स्थित अबू अल-दुहूर एयरबेस ...
इजराइल और तुर्की के बीच कूटनीतिक और सैन्य तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। सीरिया के उत्तर-पश्चिमी इदलिब प्रांत स्थित अबू अल-दुहूर एयरबेस पर इजराइल द्वारा किए गए 8 ताबड़तोड़ हवाई हमलों के बाद दोनों देशों में तल्खी बढ़ गई है।
यह एयरबेस तुर्की सीमा से महज 72 किलोमीटर दूर है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस कार्रवाई को तुर्की के लिए सीधी चेतावनी करार दिया है।
⚠️ 'सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने की कोशिश कर रहा था सीरिया': नेतन्याहू का आरोप, तुर्की की सैन्य तैनाती से बढ़ा विवाद
हमले के पीछे इजराइल के तर्क:
समझौते के उल्लंघन का दावा: नेतन्याहू कार्यालय के अनुसार, सीरिया में सुरक्षा स्थिति बनाए रखने पर सहमति थी, लेकिन सीरियाई पक्ष तुर्की सैनिकों को एयरबेस पर तैनात करने की अनुमति देकर इसे तोड़ रहा था।
इजराइल की सुरक्षा को खतरा: इजराइल ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उसकी सीमा के करीब तुर्की की सैन्य मौजूदगी उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधी चुनौती होगी।
तुर्की-सीरिया का खंडन: हालांकि तुर्की और सीरिया ने इजराइल के दावों को खारिज करते हुए कहा कि एयरबेस पर कोई स्थायी सैन्य ठिकाना बनाने की योजना नहीं थी, बल्कि तुर्की सैनिक केवल ट्रेनिंग और सहयोग के लिए वहां मौजूद थे।
✈️ बिना पूर्व सूचना के हुआ हमला: सीधे सैन्य टकराव और गलती से युद्ध छिड़ने का बढ़ा जोखिम
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की चिंताएं:
"सबसे बड़ी चिंता यह है कि इजराइल ने इस हमले से पहले तुर्की को कोई अग्रिम सूचना नहीं दी थी। अमेरिका के सीरिया-इराक विशेष दूत टॉम बैरक के अनुसार, तुर्की सेना ने इजराइली लड़ाकू विमानों को अपनी सीमा की ओर आते देखा था। वर्ष 2015 में तुर्की द्वारा रूसी विमान को मार गिराने की घटना को देखते हुए विशेषज्ञों को डर है कि दोनों देशों की सेनाएं गलती से आमने-सामने आ सकती हैं। अमेरिका ने भी इस कदम को अनावश्यक तनाव बढ़ाने वाला बताया है।"
🏛️ असद सरकार के पतन के बाद बदला समीकरण: सीरिया में दोनों देश बढ़ा रहे अपना प्रभाव
सीरिया में बदलती भू-राजनीति:
बशर अल-असद का पतन: दिसंबर 2024 में असद सरकार गिरने के बाद अहमद अल-शरा के नेतृत्व में नई सरकार बनी है, जिससे तुर्की के काफी करीबी संबंध हैं।
तुर्की का प्रभाव: तुर्की वर्ष 2017 से उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अपने ठिकाने चला रहा है और नई सीरियाई सेना को ट्रेनिंग दे रहा है।
इजराइल का दखल: दूसरी ओर, इजराइल ने भी दक्षिण-पश्चिमी सीरिया में अपनी सैन्य मौजूदगी को मजबूत कर लिया है, जिससे दोनों देशों के प्रभाव क्षेत्र आपस में टकरा रहे हैं।
🔮 क्या टल जाएगा इजराइल-तुर्की युद्ध? एर्दोगन ने नेतन्याहू की नीतियों को बताया 'विस्तारवादी'
वर्तमान स्थिति और भविष्य के संकेत:
एर्दोगन का पलटवार: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने नेतन्याहू के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे इजराइल की विस्तारवादी और क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने वाली नीति करार दिया।
सीधे युद्ध की संभावना: कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल इजराइल और तुर्की के बीच सीधे युद्ध की संभावना कम है, लेकिन प्रभाव बढ़ाने की इस होड़ में किसी छोटी सी सैन्य चूक से बड़ा संघर्ष भड़क सकता है।

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