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Delhi PWD Infrastructure Update: रोहिणी जिला अदालत और मेट्रो स्टेशनों को जोड़ेगा नया FOB स्काईवॉक, नवंबर 2026 तक होगा तैयार

दिल्ली: राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम चौराहों में शामिल आउटर रिंग रोड स्थित मधुबन चौक पर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा...

दिल्ली: राजधानी दिल्ली के व्यस्ततम चौराहों में शामिल आउटर रिंग रोड स्थित मधुबन चौक पर पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा यहां 9.62 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक Skywalk-FOB (फुट ओवर ब्रिज) का निर्माण किया जा रहा है।

यह स्काईवॉक पीतमपुरा मेट्रो स्टेशन, मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन और रोहिणी जिला अदालत को आपस में जोड़कर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहद आसान बना देगा।

🗓️ नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य: आउटर रिंग रोड पार करना होगा सुरक्षित और आसान

परियोजना का समय और उद्देश्य:

  • डेडलाइन: आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

  • सड़क स्तर से मुक्ति: इस स्काईवॉक के बनने के बाद पैदल यात्रियों को आउटर रिंग रोड जैसी व्यस्त और तेज रफ्तार सड़क को सीधे पार करने का जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा।

  • ग्रेड-सेपरेटेड कनेक्टिविटी: परियोजना का मुख्य उद्देश्य पैदल यात्रियों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित, ग्रेड-सेपरेटेड और निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

🚸 हादसों के खतरे में आएगी भारी कमी: वाहनों और पैदल यात्रियों के बीच होगा बेहतर पृथक्करण

सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन:

"पीडब्ल्यूडी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, मधुबन चौक पर रोज हजारों की संख्या में पैदल यात्री और अदालती काम से आने-जाने वाले लोग सड़क पार करते हैं। स्काईवॉक बनने से पैदल यात्रियों और तेज रफ्तार वाहनों के बीच होने वाले टकराव और दुर्घटना के जोखिम को पूरी तरह से समाप्त करने में मदद मिलेगी।"

🚇 लास्ट-माइल कनेक्टिविटी होगी मजबूत: दैनिक यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

प्रोजेक्ट के प्रमुख लाभ:

  • मेट्रो से सीधी पहुंच: मेट्रो स्टेशनों से बाहर निकलने वाले यात्रियों को रोहिणी कोर्ट या आसपास के व्यावसायिक क्षेत्रों में जाने के लिए बिना ट्रैफिक में उलझे सीधा रास्ता मिलेगा।

  • व्यवस्थित यातायात: दिल्ली पीडब्ल्यूडी का यह प्रोजेक्ट मधुबन चौक पर पैदल यातायात को पूरी तरह से व्यवस्थित और सुरक्षित बनाएगा।

  • सुरक्षित बुनियादी ढांचा: यह पहल दिल्ली में सुरक्षित पैदल यात्री बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।







 

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