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Lucknow Kanpur Expressway PIL: 4200 करोड़ के एक्सप्रेसवे धंसने का मामला पहुंचा इलाहाबाद हाईकोर्ट, IIT खड़गपुर करेगी जांच

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला अब कानूनी पचड़े में फंस गया है। इस मामले में दाखिल जनहि...


लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला अब कानूनी पचड़े में फंस गया है। इस मामले में दाखिल जनहित याचिका (PIL) पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अपनाया है।

अदालत ने मामले से जुड़े सभी संबंधित प्रतिवादियों को काउंटर एफिडेविट (जवाब-दावा) दाखिल करने का कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव, NHAI के चेयरमैन और उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव को याचिका में उठाए गए आरोपों पर अपना तथ्यात्मक पक्ष रखने को कहा है।

⚖️ सिविल कंस्ट्रक्शन में धांधली के आरोप: प्रतिवादियों को देना होगा हर एक बिंदु का स्पष्टीकरण

याचिका में 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के सिविल निर्माण में गंभीर वित्तीय व गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं:

"हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि काउंटर एफिडेविट में पीआईएल के जरिए उठाए गए सभी तथ्यों, गुणवत्ता मानकों और प्रक्रियात्मक खामियों पर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट की जाए। अब केंद्र सरकार, राज्य सरकार और एनएचएआई को निर्माण की गुणवत्ता से लेकर ठेका आवंटन तक की पूरी रिपोर्ट कोर्ट के सामने प्रस्तुत करनी होगी।"

🌧️ 4,200 करोड़ की लागत से बनी सड़क पहली ही बारिश में धंसी: ठेकेदार कंपनी PNC इंफ्राटेक पर गिरी गाज

उल्लेखनीय है कि 4,200 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार हुए इस लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने के महज कुछ ही हफ्तों बाद पहली मानसूनी बारिश में सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था:

  • कंपनी पर बैन: इस गंभीर लापरवाही के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा कदम उठाते हुए निर्माण करने वाली कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक (PNC Infratech) को भविष्य की सभी बोलियों और प्रोजेक्ट्स के लिए प्रतिबंधित (Blacklist/Ban) कर दिया।

  • खुद के खर्च पर मरम्मत: एनएचएआई ने आदेश दिया है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की पूरी मरम्मत ठेकेदार कंपनी को अपने स्वयं के खर्च पर करनी होगी, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई गई है।

🔬 IIT खड़गपुर के विशेषज्ञ करेंगे जांच: लेजर प्रोफाइलोमीटर से होगी सड़क के गुणवत्ता की माप

सड़क धंसने के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक और तकनीकी विश्लेषण करने के लिए एनएचएआई ने विशेषज्ञ टीमों को काम पर लगाया है:

"एनएचएआई ने आईआईटी (IIT) खड़गपुर के प्रख्यात प्रोफेसर के.एस. रेड्डी के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक विशेष टीम गठित की है, जो एक्सप्रेसवे के धंसने के कारणों की जांच कर सुधारात्मक उपाय सुझाएगी। इसके अलावा, पूरे एक्सप्रेसवे पर फुटपाथ की जमीनी स्थिति और मजबूती जांचने के लिए 'लेजर प्रोफाइलोमीटर आधारित मूल्यांकन' (Laser Profilometer Evaluation) भी कराया जा रहा है।"






 

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