नई दिल्ली: विदेश से मेडिकल (MBBS) की पढ़ाई पूरी करके भारत लौटे सैकड़ों डॉक्टर और मेडिकल छात्र दिल्ली के गौतम नगर स्थित महाराजा रणजीत सिंह प...
नई दिल्ली: विदेश से मेडिकल (MBBS) की पढ़ाई पूरी करके भारत लौटे सैकड़ों डॉक्टर और मेडिकल छात्र दिल्ली के गौतम नगर स्थित महाराजा रणजीत सिंह पार्क में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
फॉरेन मेडिकल स्टूडेंट्स विंग के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में कई डॉक्टर और अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। छात्रों का आरोप है कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा आयोजित FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) परीक्षा में तकनीकी कमियों और गलत सवालों के कारण इस बार पास प्रतिशत बेहद कम रहा है।
❓ गलत सवाल और वीडियो प्रश्नों में कम समय का आरोप: परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारियों के मुख्य आरोप और मांगें:
गलत प्रश्न: अभ्यर्थियों का दावा है कि परीक्षा में कुछ प्रश्न गलत पूछे गए थे। भले ही आयोजक संस्था ने कुछ गलतियों की बात स्वीकार की हो, लेकिन छात्रों को उसका अंक या उचित राहत नहीं दी गई।
समय की कमी: वीडियो क्लिप पर आधारित सवालों के सही उत्तर देने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया।
उत्तर पुस्तिका की मांग: छात्रों की मांग है कि उन्हें परीक्षा में उनकी उत्तर पुस्तिका (आंसर शीट/पेपर कॉपी) दिखाई जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
⛺ धरना स्थल पर प्रोजेक्टर से पढ़ाई और मुफ्त हेल्थ कैंप: स्थानीय लोगों का मिला बड़ा समर्थन
प्रदर्शन स्थल का अनोखा नजारा:
"भीषण गर्मी और बारिश के बीच रात-दिन धरने पर बैठे ये डॉक्टर पार्क में प्रोजेक्टर के जरिए पढ़ाई भी जारी रखे हुए हैं। इसके साथ ही वे आम जनता के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर (Health Camp) चला रहे हैं। छात्रों के इस शांतिपूर्ण आंदोलन को देखते हुए आसपास के लोग और अन्य शहरों से आए डॉक्टर भी समर्थन दे रहे हैं—कोई भोजन, तो कोई दवाओं और लाइट की व्यवस्था कर मदद कर रहा है।"
⚖️ 'जिम्मेदार अधिकारियों पर हो कार्रवाई': सरकार से निष्पक्ष समीक्षा की गुहार
छात्रों की प्रशासनिक मांगें:
निष्पक्ष समीक्षा: अभ्यर्थियों की मांग है कि केंद्र सरकार और
इस मामले का तुरंत संज्ञान लें और परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराएं।NBEMS सख्त कदम: परीक्षा में हुई तकनीकी खामियों और गलत प्रश्नों की समीक्षा कर अभ्यर्थियों को बोनस अंक या राहत प्रदान की जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

कोई टिप्पणी नहीं