नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) ने 'ताशी ग्रुप' और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले की जां...
नई दिल्ली : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 'ताशी ग्रुप' और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले की जांच के सिलसिले में दिल्ली-एनसीआर में 7 स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी और सर्वे की कार्रवाई की है।
जांच एजेंसी ने आधिकारिक बयान में बताया कि यह कार्रवाई 19 और 20 अगस्त को ईडी के गुरुग्राम जोनल ऑफिस द्वारा 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002' के तहत की गई थी। यह पूरी जांच मेसर्स ताशी लैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स केएनएस इन्फ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स सोनी इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल काशी नाथ शुक्ला समेत उनसे जुड़े प्रमोटरों पर केंद्रित है।
🏢 600 घर खरीदारों से 386 करोड़ रुपये की ठगी: 120 करोड़ रुपये विदेश और अन्य मदों में गबन
धोखाधड़ी और फंड डायवर्जन का ब्योरा:
प्रोजेक्ट्स में फर्जीवाड़ा: यह जांच गुरुग्राम के सेक्टर 111 स्थित 'ताशी कैपिटल गेटवे प्रोजेक्ट' और सेक्टर 68 स्थित 'ओरियन गैलेक्सी प्रोजेक्ट' (पूर्व नाम 'स्पायर साउथ') में घर खरीदारों और निवेशकों के साथ हुई धोखाधड़ी पर आधारित है।
पुलिस एफआईआर के आधार पर कार्रवाई: दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) द्वारा दर्ज कई एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने केस दर्ज किया था।
10-15 साल से पजेशन का इंतजार: ईडी की जांच में सामने आया कि ताशी ग्रुप ने 600 से अधिक घर खरीदारों से लगभग 386 करोड़ रुपये जुटाए, लेकिन 10 से 15 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें मकानों का कब्जा नहीं दिया। इसमें से करीब 120 करोड़ रुपये का गबन किया गया।
🌍 प्रमोटर के परिवार ने खरीदी सेंट किट्स की नागरिकता: इंग्लैंड में ओल्ड-एज केयर होम में किया भारी निवेश
विदेशी संपत्तियों और लेन-देन का पर्दाफाश:
"ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य प्रमोटर काशी नाथ शुक्ला के परिवार के सदस्य विदेश में बस गए थे और उन्होंने पिछले 5 से 10 वर्षों के दौरान भारत में स्थित अपनी बड़ी अचल संपत्तियों को बेचकर कैश में तब्दील कर लिया था। इस रकम को विदेशों में ट्रांसफर कर प्रमोटर के परिजनों के नाम पर भारी निवेश किया गया, जिसमें इंग्लैंड में बुजुर्गों की देखभाल का एक केंद्र (Old-Age Care Home) भी शामिल है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य ने निवेश के जरिए सेंट किट्स की नागरिकता के लिए आवेदन भी किया था।"
🚘 22 लाख के बैंक खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और लग्जरी कार जब्त: जांच जारी
ईडी की जब्ती और आगे की कार्रवाई:
डिजिटल और वित्तीय साक्ष्य: तलाशी के दौरान ईडी ने कंपनियों और प्रोजेक्ट्स से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, विदेशी निवेश से संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा जब्त किया है।
अकाउंट फ्रीज: एजेंसी ने 22 लाख रुपये के बैलेंस वाले बैंक अकाउंट्स, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की रसीदें और एक लग्जरी कार को फ्रीज व जब्त कर लिया है।
अपराध की कमाई का आकलन: ईडी इस समय कंपनियों के बीच हुए वित्तीय लेन-देन (Money Trail) की जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी से अर्जित कुल संपत्ति की पहचान की जा सके।

कोई टिप्पणी नहीं