नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को अब पहले से भी अधिक पुख्ता किया जाएगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने...
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को अब पहले से भी अधिक पुख्ता किया जाएगा। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस को बुजुर्गों की आबादी का दोबारा से व्यापक आकलन करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित खास मोबाइल ऐप का दायरा बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए हैं।
उपराज्यपाल ने इस ऐप की अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने, उनकी सहायता करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई (Emergency Response) करने पर विशेष जोर दिया है। इसके अलावा उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर पिंक बसों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों व सुरक्षा गार्डों का ब्यौरा भी मांगा।
🏛️ राज निवास में कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक: पुलिस कमिश्नर संग एलजी की उच्चस्तरीय चर्चा
बैठक के प्रमुख बिंदु और समीक्षा ब्योरा:
समीक्षा बैठक: संधू ने राज निवास में दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
विशेष पुलिसिंग सिस्टम: बैठक में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए संचालित विशेष पुलिसिंग सिस्टम के कामकाज का बारीकी से जायजा लिया गया।
ग्राउंड लेवल फीडबैक: एलजी ने सीनियर सिटीजन ऐप की कार्यप्रणाली, नए रजिस्ट्रेशन अभियानों और बीट स्तर पर पुलिसकर्मियों द्वारा बुजुर्गों के साथ किए जाने वाले नियमित संपर्क का पूरा ब्यौरा लिया।
🚨 शिकायतों का तुरंत हो समाधान और बढ़ें बीट पुलिसकर्मियों के दौरे: LG ऑफिस का बयान
उपराज्यपाल कार्यालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश:
"एलजी तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली के सभी बुजुर्गों की सुरक्षा, भलाई और उनमें विश्वास बढ़ाने के लिए शिकायतों के त्वरित निस्तारण, मजबूत इमरजेंसी सपोर्ट और स्थानीय पुलिसकर्मियों के नियमित दौरों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की वास्तविक संख्या का पूर्ण आकलन कर उसी आधार पर डिजिटल और जमीनी सुरक्षा ढांचे को विस्तृत किया जाए।"
👮 'शिष्टचार स्क्वॉड' की गश्त बढ़ाने के निर्देश: छेड़छाड़ के खिलाफ अपनाई जाएगी जीरो टॉलरेंस नीति
महिलाओं व छात्राओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम:
शिष्टचार स्क्वॉड की तैनाती: वरिष्ठ अधिकारियों ने एलजी को 'शिष्टचार स्क्वॉड' (Shishtachar Squads) की कार्यप्रणाली की जानकारी दी, जिसका मुख्य कार्य सड़कों पर होने वाली ईव-टीजिंग (छेड़छाड़) और अभद्रता को रोकना है।
संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी: स्कूल-कॉलेजों, ट्रांजिट हब्स और भीड़भाड़ वाले बाजारों के आसपास सतर्कता बढ़ाने और गश्त (Patrolling) तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन: उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में डर-मुक्त और सम्मानजनक यात्रा अनुभव के लिए ट्रेंड स्टाफ की मौजूदगी और क्विक रिस्पॉन्स सिस्टम का होना बेहद अनिवार्य है।

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