गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम के सबसे प्रीमियम इलाके माने जाने वाले DLF फेज-1 और फेज-2 में करोड़ों के आशियाने में रहने वाले नागरिक इन दि...
गुरुग्राम: साइबर सिटी गुरुग्राम के सबसे प्रीमियम इलाके माने जाने वाले DLF फेज-1 और फेज-2 में करोड़ों के आशियाने में रहने वाले नागरिक इन दिनों पानी की गंभीर किल्लत का सामना कर रहे हैं।
पिछले चार दिनों से क्षेत्र में जलापूर्ति पूरी तरह ठप है। कहीं नलों में पानी बिल्कुल नहीं आ रहा, तो कहीं बहुत कम प्रेशर के साथ कमजोर धार पहुंच रही है। इसके चलते दैनिक दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हुई है।
💸 3,000 रुपये में बिक रहा 1,200 वाला पानी का टैंकर: पैकेज्ड वाटर खरीदने को मजबूर हुए निवासी
निवासियों की परेशानियां और निजी टैंकरों की मनमानी:
निजी टैंकरों के बढ़े दाम: मांग बढ़ते ही निजी वाटर टैंकर चालकों ने रेट ढाई गुना तक बढ़ा दिए हैं। जो टैंकर पहले 1,200 रुपये में मिलता था, वह अब 3,000 रुपये से अधिक में मिल रहा है।
सोसायटियों में संकट: DLF फेज-1 की सिल्वर ओक्स सोसायटी (करीब 700 परिवार) में अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज खत्म होने की कगार पर है।
पीने के पानी का संकट: लोग खाना बनाने और पीने के लिए पैकेज्ड बोतलों का पानी खरीदने और बुनियादी जरूरतों के लिए महंगे टैंकर मंगवाने पर मजबूर हैं।
🛠️ आखिर क्यों गहराया पानी का संकट? बसई प्लांट में ट्रिपिंग के बाद मुख्य पाइपलाइन में हुआ लीकेज
तकनीकी खराबी और घटनाक्रम:
"अधिकारियों के अनुसार संकट की शुरुआत बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रिपिंग के कारण हुई। इसके बाद 1,300 मिमी की मुख्य पाइपलाइन में बड़ा लीकेज पाया गया। गुरुवार को मरम्मत के बाद शनिवार को सेक्टर-50 स्थित साउथ सिटी-2 (बानी स्क्वायर के पास) में खुदाई के दौरान 1,000/700 मिमी की दूसरी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। इसके चलते सेक्टर 46, 48, 49, 50, 52, 56, 57 और 58 से 76 तक जलापूर्ति प्रभावित हुई है।"
🚨 DLF ने जारी की एड्वाइजरी: कार धोने और ओवरफ्लो रोकने की अपील, पानी बर्बादी पर होगी कार्रवाई
प्रशासन और एस्टेट टीमों के निर्देश:
सप्लाई में लगेगा समय: DLF की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि नेटवर्क में दोबारा प्रेशर बनाने में समय लग सकता है, खासकर टेल-एंड वाले इलाकों में सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य होगी।
बर्बादी पर पाबंदी: कार धोने, टंकियों के ओवरफ्लो, अत्यधिक बूस्टर पंप चलाने और पीने योग्य पानी के गैर-जरूरी इस्तेमाल पर सख्त रोक लगाई गई है।
निरीक्षण के आदेश:
और एस्टेट सुरक्षा टीमों को निर्माण स्थलों तथा रिहायशी इलाकों में पानी की बर्बादी पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA)

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