नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) में निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें 2020 के उत्तर-पूर्वी...
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) में निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) के सूचना अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में छह आरोपियों को बरी कर दिया गया था।
उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस की याचिका पर सुनवाई करते हुए बरी किए गए सभी छह आरोपियों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को निर्धारित की गई है। वहीं, दूसरी ओर दो दोषियों द्वारा अपनी सजा के खिलाफ दायर की गई याचिका पर भी अदालत ने पुलिस से जवाब तलब किया है।
🏛️ कड़कड़डूमा अदालत का फैसला: पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, 6 को किया गया था बरी
इस चर्चित मामले में निचली अदालत का फैसला पहले आ चुका है:
निचली अदालत का निर्णय: कड़कड़डूमा अदालत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद (आजीवन कारावास) की सजा सुनाई थी।
नाला में मिला था शव: फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के दौरान उग्र भीड़ ने दयालपुर इलाके में अंकित शर्मा पर हमला किया था और हत्या के बाद उनका शव नाले में फेंक दिया था।
बरी हुए आरोपी: अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में हसीन उर्फ मुल्लाजी (सलमान), फिरोज, गुलफाम, सोयब, समीर खान और मुंतजिम उर्फ मूसा को बरी कर दिया था। अब दिल्ली पुलिस ने इन्हीं 6 लोगों की रिहाई को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
📜 सजायाफ्ता नाजिम और कासिम भी पहुंचे हाईकोर्ट: उम्रकैद के फैसले को दी चुनौती
मामले में सजा काट रहे दोषियों ने भी राहत के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया है:
अपील दायर: अंकित शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पा चुके नाजिम और कासिम ने अपनी सजा और दोषसिद्धि को रद्द कराने के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। ये याचिकाएं वकील बिलाल अनवर खान के माध्यम से दायर की गई हैं।
पीठ के समक्ष सुनवाई: यह मामला न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह एवं न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ के सामने सूचीबद्ध किया गया है।
सजा की पृष्ठभूमि: कड़कड़डूमा अदालत ने नाजिम और कासिम को 13 जुलाई को पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और दो अन्य (जावेद व अनस) के साथ दोषी ठहराया था और 31 जुलाई को सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

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