नई दिल्ली: दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले के समीप बीते साल नवंबर में हुए भीषण बम धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक सन...
नई दिल्ली: दिल्ली में ऐतिहासिक लाल किले के समीप बीते साल नवंबर में हुए भीषण बम धमाके को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में इस आतंकी हमले के पीछे ‘अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट’ (AQIS) का सीधा हाथ बताया गया है।
हालांकि, यूएन की यह रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पहले ही भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अदालत में दाखिल अपने आरोपपत्र में इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया था।
एनआईए ने बीते मई महीने में दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में 7500 पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का संबंध आतंकी संगठन 'अंसार गजवत-उल-हिंद' (AGUH) से था, जो कि AQIS से संबद्ध माना जाता है। गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किले के सामने हुए इस आत्मघाती धमाके में 11 मासूम लोगों की जान चली गई थी, जिसकी शुरुआती जिम्मेदारी आतंकी गुट जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी।
⚖️ अदालत में चार्जशीट पर संज्ञान की सुनवाई टली: NIA को पृथक भूमिकाएं स्पष्ट करने का आदेश
राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने के बाद हुई पहली सुनवाई की मुख्य बातें:
"अदालत ने पहली सुनवाई में फिलहाल आरोपपत्र पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। विशेष अदालत ने एनआईए को निर्देश दिए कि वह प्रत्येक आरोपी की इस धमाके में अलग-अलग और स्पष्ट भूमिका का उल्लेख करे। कोर्ट ने नोट किया कि 14 मई 2026 को पहली चार्जशीट के बाद चार अन्य आरोपियों पर पूरक चार्जशीट दाखिल हुई थी। जम्मू-कश्मीर से जुड़े चार आरोपियों की जांच लंबित होने के कारण संज्ञान की अगली तारीख 27 अगस्त तय की गई है।"
🏥 एक आरोपी की मृत्यु, अन्य आरोपियों ने लगाई गुहार: जेल प्रशासन से मांगा गया जवाब
मामले में अदालती प्रक्रियाओं और आरोपियों की अर्जियों पर भी विचार हुआ:
आरोपी की मौत की पुष्टि: सुनवाई के दौरान एक आरोपी की मौत की खबर सामने आने पर कोर्ट ने एनआईए को मृत्यु प्रमाण पत्र और पुष्टि रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए ताकि उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही बंद की जा सके।
फोन पर बात की अनुमति: एक आरोपी ने अपने पिता से टेलीफोन पर बात करने की इजाजत मांगी, जिस पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को 19 अगस्त को उपस्थित होकर जवाब दाखिल करने को कहा है।
सेल टाइम बढ़ाने की मांग: दो अन्य आरोपियों ने जेल में अपनी बैरक/सेल से बाहर रहने का समय बढ़ाने की याचिका लगाई है।
🚨 सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा पहरा: अमोनियम नाइट्रेट की बिक्री, पार्किंग और CCTV पर विशेष निगरानी
विस्फोट की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक और कड़े बदलाव किए हैं:
अमोनियम नाइट्रेट पर नकेल: जांच में साबित हुआ था कि धमाके में उच्च तीव्रता वाले अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ था। इसके बाद से पुलिस ने राजधानी में इसकी बिक्री, स्टॉक और सप्लायर्स पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है।
पार्किंग स्थलों की चेकिंग: दिल्ली के सभी पार्किंग ठेकेदारों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्थानीय पुलिस समय-समय पर संदिग्ध वाहनों की गहन जांच कर रही है।
अत्याधुनिक सीसीटीवी: लाल किला और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति को दुरुस्त कर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

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