नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के बाद यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ गया है। दिल्ली के पुराने रेलवे ब्रिज (Old Rai...
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के बाद यमुना और हिंडन नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ गया है।
दिल्ली के पुराने रेलवे ब्रिज (Old Railway Bridge) पर यमुना के मॉनिटरिंग पॉइंट पर शनिवार रात 8 बजे जलस्तर 204.06 मीटर तक पहुंच गया, जो कि चेतावनी के निशान 204.50 मीटर से महज 44 सेंटीमीटर नीचे था। वहीं दूसरी ओर, हिंडन नदी का जलस्तर नोएडा बेस स्टेशन पर रात 8 बजे ही चेतावनी के स्तर 195.76 मीटर को पार कर गया।
जानकारी के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से दोनों नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। अगर ऊपरी पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश जारी रहती है, तो यह जलस्तर और बढ़ सकता है। हालांकि, मौसम और जल आयोग के अनुमानों के अनुसार, अगले सात दिनों में यमुना के बाढ़ के स्तर तक पहुंचने की आशंका नहीं है और इसके 204.5 मीटर के आसपास ही बने रहने की संभावना है। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल दिल्ली में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।
दिल्ली सरकार के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जलस्तर में यह बढ़ोतरी ऊपरी इलाकों से छोड़े गए पानी की वजह से हुई है। अधिकारी के अनुसार, "हरियाणा के हथनीकुंड बैराज (यमुनानगर) से छोड़ा गया पानी दिल्ली पहुंचने में लगभग दो दिन का समय लेता है। जलस्तर मंगलवार से बढ़ना शुरू हुआ था, लेकिन वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पानी का तेज बहाव नदी के कैचमेंट को साफ करेगा और इस बढ़ोतरी के बाद जलस्तर के स्थिर होने की संभावना है।"
🌊 हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने का असर: 48 से 50 घंटे में दिल्ली पहुंचता है पानी
दरअसल, कैचमेंट एरिया में भारी बारिश के बाद हथनीकुंड बैराज से ऊपरी इलाकों में अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है, जिसकी वजह से ही जलस्तर बढ़ा है।
पानी पहुंचने का समय: बैराज से छोड़े गए पानी को दिल्ली के पुराने रेलवे ब्रिज तक पहुंचने में आमतौर पर 48 से 50 घंटे का समय लगता है।
निगरानी जारी: माना जा रहा है कि ऊपरी इलाकों में बारिश और पानी छोड़े जाने का असर नदियों के जलस्तर पर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। संबंधित विभाग स्थिति पर 24 घंटे लगातार नजर बनाए हुए हैं।
⚠️ यमुना में कब होता है बाढ़ का खतरा? जानें खतरे के निशान का गणित
यमुना नदी के जलस्तर को लेकर दिल्ली प्रशासन के तय मानक इस प्रकार हैं:
चेतावनी का निशान (Warning Level): पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना के लिए चेतावनी का स्तर 204.50 मीटर है।
खतरे का निशान (Danger Mark): खतरे का निशान 205.33 मीटर निर्धारित है। जब नदी इस स्तर पर पहुंचती है, तो अधिकारी निचले और तटीय इलाकों को खाली करने की मुनादी और घोषणाएं शुरू कर देते हैं।
इवैक्यूएशन की प्रक्रिया (Evacuation Level): संवेदनशील और निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों व राहत शिविरों में शिफ्ट करने की प्रक्रिया जलस्तर 206 मीटर पर पहुंचने के बाद शुरू की जाती है।

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