दिल्ली न्यूज़: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर कूड़ा प्रबंधन (Garbage Management) और आवारा पशुओं (Stray Animals) के आतंक से संबंधित नागरिक समस्...
दिल्ली न्यूज़: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर कूड़ा प्रबंधन (Garbage Management) और आवारा पशुओं (Stray Animals) के आतंक से संबंधित नागरिक समस्याओं का कड़ा संज्ञान लेते हुए दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सोमवार को कड़े निर्देश जारी किए। सदन में उठाए गए इन दोनों गंभीर मुद्दों को स्पीकर ने MCD (दिल्ली नगर निगम) संबंधी विशेष समिति को सौंप दिया है।
कूड़ा प्रबंधन की लचर व्यवस्था के संबंध में विधानसभा अध्यक्ष ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि MCD कमिश्नर स्वयं विशेष समिति के समक्ष उपस्थित हों। उन्हें सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देना होगा और साथ ही इस दिशा में अब तक की गई कार्रवाई की 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (Action Taken Report) भी पेश करनी होगी। स्पीकर ने स्पष्ट किया कि निगम को समिति के समक्ष कूड़ा प्रबंधन की मौजूदा व्यवस्थाओं और सुधारात्मक कार्यों का पूरा विवरण प्रस्तुत करना होगा।
🧹 विधायक ने उठाया साफ-सफाई का मुद्दा: स्पीकर बोले—'जवाबदेही तय करनी होगी'
सदन में कूड़ा प्रबंधन का मुद्दा विधायक डॉ. अनिल गोयल ने नियम 280 के तहत प्रमुखता से उठाया:
लचर व्यवस्था: विधायक ने कूड़ा जमा होने वाले स्थानों, खुले कूड़ेदानों और अपर्याप्त कूड़ा उठाने की व्यवस्था को लेकर सदन के सामने चिंता व्यक्त की।
MCD की जिम्मेदारी: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली में स्वच्छता और सफाई सुनिश्चित करना सीधे तौर पर दिल्ली नगर निगम (MCD) की जिम्मेदारी है और निगम को इस दायित्व का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना चाहिए।
कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग: स्पीकर ने कहा कि जहां भी कूड़ा संग्रहण का कार्य सौंपे गए कर्मचारी अपेक्षित रूप से अपना काम नहीं कर रहे हैं, वहां उनके प्रदर्शन की जांच होनी चाहिए और उनकी सख्त जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
🐄 सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे आवारा पशु: संगठित व्यवस्था होने की आशंका
आवारा पशुओं का मुद्दा विधायक हरीश खुराना ने उठाया, जिस पर स्पीकर ने गंभीर चिंता व्यक्त की:
अनधिकृत डेयरी संचालकों पर सवाल: खुराना ने बताया कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कुछ अनधिकृत डेयरी संचालकों द्वारा दूध निकालने के बाद पशुओं को जानबूझकर सड़कों पर बेसहारा छोड़ दिया जाता है।
दुर्घटनाओं में इजाफा: विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सड़कों पर खुले में घूमते ये पशु हादसों का कारण बन रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी असुविधा और खतरे का सामना करना पड़ रहा है।
गंभीर जांच की मांग: स्पीकर ने आशंका जताते हुए कहा कि जिस प्रकार पशुओं को सड़कों पर छोड़ा जा रहा है, उससे प्रतीत होता है कि इसके पीछे कोई संगठित व्यवस्था काम कर रही है। यह विषय गंभीर जांच की मांग करता है।
📝 MCD कमिश्नर से मांगी विस्तृत रिपोर्ट: गौशालाओं और कार्रवाई की जानकारी तलब
आवारा पशुओं की स्थिति को 'चिंताजनक' बताते हुए स्पीकर ने इसे MCD संबंधी विशेष समिति को सौंप दिया और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए:
जनता की सुरक्षा और पशु कल्याण: स्पीकर ने कहा कि समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर हो रही है। लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ पशुओं का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल एक्शन की जरूरत है।
इन बिंदुओं पर मांगा जवाब: विधानसभा अध्यक्ष ने MCD आयुक्त से स्पष्ट तौर पर पूछा है कि—दिल्ली में संचालित गौशालाओं की संख्या कितनी है? उनके पास उपलब्ध स्थान और क्षमता क्या है? बचाए गए पशुओं को रखने की क्या व्यवस्था है?
दोषियों पर कार्रवाई: इसके अलावा, पशुओं को पकड़े जाने के बाद अपनाई जाने वाली प्रक्रिया और सार्वजनिक सड़कों पर पशुओं को छोड़ने वाले डेयरी संचालकों या जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध क्या कानूनी कार्रवाई की गई है, इसका पूरा विवरण समिति के सामने पेश करने को कहा गया है।

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