दिल्ली सरकार महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार के पक्के अवसर देने के लिए 'दुर्गा' (Driving Upliftment and Roz...
दिल्ली सरकार महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स को सशक्त बनाने और उन्हें रोजगार के पक्के अवसर देने के लिए 'दुर्गा' (Driving Upliftment and Rozgar for Women/Transgender Green e-Auto) स्कीम लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। सरकारी वेबसाइट के मुताबिक, इस योजना के तहत दिल्ली के 13 जिलों में से प्रत्येक जिले के लिए 100 ई-ऑटो परमिट निर्धारित किए गए हैं, जिससे कुल 1,300 इलेक्ट्रिक ऑटो के परमिट बांटे जाएंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना, आजीविका सुधारना और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मजबूत करना है।
📄 2. कैबिनेट के सामने जल्द पेश होगा ड्राफ्ट, 90% परमिट महिलाओं और 10% ट्रांसजेंडर के लिए होंगे आरक्षित
सरकारी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस स्कीम का ड्राफ्ट जल्द ही मंजूरी के लिए दिल्ली सरकार की कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा। कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। इस योजना के तहत कुल परमिटों में से 90 प्रतिशत महिलाओं के लिए और 10 प्रतिशत ट्रांसजेंडर्स के लिए आरक्षित होंगे। आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए मंगाए जाएंगे और लाभार्थियों का चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा, जिन्हें बाद में इलेक्ट्रिक ऑटो के लिए 'लेटर ऑफ इंटेंट' जारी किया जाएगा।
📋 3. जानिए कौन कर सकता है आवेदन, उम्र, आय सीमा और अन्य जरूरी शर्तें
इस योजना के तहत 20 से 40 वर्ष की आयु की महिलाएं और ट्रांसजेंडर आवेदन करने के पात्र होंगे। इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं जैसे आवेदक की पारिवारिक सालाना आय 5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और उनके नाम पर कोई थ्री-व्हीलर नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, प्रति परिवार केवल एक महिला ही पात्र होगी और विवाहित महिलाओं के लिए शर्त यह है कि उनके बच्चे 18 वर्ष से कम उम्र के होने चाहिए।
🌐 4. ऑनलाइन कैब प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे ई-ऑटो, सुरक्षा के लिए खास जैकेट, पहचान-पत्र और हेल्पलाइन नंबर भी होंगे मौजूद
लाभार्थियों की नियमित और बेहतर आमदनी सुनिश्चित करने के लिए सरकार इन ई-ऑटो को ऑनलाइन कैब और ऑटो एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जोड़ेगी, ताकि चालकों को सवारियों के लिए भटकना न पड़े। इसके साथ ही 'दुर्गा' योजना के तहत ड्राइवरों को विशेष जैकेट, कैप और पहचान-पत्र दिए जाएंगे ताकि यात्री आसानी से उनकी पहचान कर सकें। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन ई-ऑटो पर विभिन्न हेल्पलाइन और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर भी लिखे होंगे, जिससे इस सेक्टर में महिलाओं और ट्रांसजेंडर्स की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।

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