पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर के एक सरकारी स्कूल से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां सर्वोदय कन्या विद्यालय में पढ़ने व...
पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर के एक सरकारी स्कूल से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहां सर्वोदय कन्या विद्यालय में पढ़ने वाली 10 वर्षीय एक मासूम छात्रा को कथित तौर पर किताबें न लाने की सजा के रूप में धूप में खड़ा कर दिया गया। आरोप है कि तेज धूप में खड़े रहने के कारण बच्ची की तबीयत अचानक काफी बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से शिक्षा विभाग और स्कूल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
🩺 2. अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत, गुस्से में परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल के बाहर किया जोरदार प्रदर्शन
परिवार के सदस्यों ने बताया कि यह घटना 27 अगस्त की है। तबीयत बिगड़ने के बाद स्कूल प्रशासन ने बच्ची की मां अंजलि को फोन कर मौके पर बुलाया। मां का आरोप है कि जब वह स्कूल पहुंचीं, तो उन्होंने अपनी बेटी को धूप में खड़ा पाया और उसकी हालत बेहद खराब थी। आनन-फानन में बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी सांसें थम गईं। इस हृदयविदारक घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने स्कूल के बाहर इकट्ठा होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
⚖️ 3. भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी मौके पर पहुंचे, पुलिस ने मामले की निष्पक्ष जांच शुरू की
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय भाजपा विधायक रविंदर सिंह नेगी पीड़ित परिवार से मिलने मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जो भी स्कूलकर्मी या शिक्षक इस लापरवाही के लिए दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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