दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की शुरुआत से राजधानीवासियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन इसके कनेक्टिविटी नेट...
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की शुरुआत से राजधानीवासियों को लंबी दूरी की यात्रा में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन इसके कनेक्टिविटी नेटवर्क ने एक नई ट्रैफिक समस्या खड़ी कर दी है। आश्रम, एम्स, साउथ एक्स, मूलचंद, लाजपत नगर और आसपास के इलाकों से एक्सप्रेसवे की ओर जाने वाले वाहन सीधे तौर पर इससे नहीं जुड़ पा रहे हैं। मूल योजना में आश्रम की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए सीधी कनेक्टिविटी न होने के कारण इन सभी वाहनों को एक्सप्रेसवे तक पहुंचने के लिए सराय काले खां की तरफ जाना पड़ रहा है।
🛑 2. सराय काले खां पर बढ़ा वाहनों का भारी दबाव, पीक ऑवर्स में पहले से व्यस्त जंक्शन की बढ़ गई है मुश्किलें
आश्रम और दक्षिण दिल्ली से आने वाले वाहनों को मौजूदा सड़क नेटवर्क के जरिए लगभग 4 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर सराय काले खां पहुंचना पड़ रहा है, जिसके बाद वे किलोकरी और डीएनडी क्षेत्र के रास्ते एक्सप्रेसवे से जुड़ पाते हैं। सराय काले खां दिल्ली के उन प्रमुख ट्रैफिक जंक्शनों में शामिल है जहां रिंग रोड, डीएनडी और बारापुला जैसे कई महत्वपूर्ण मार्गों का ट्रैफिक पहले से ही भारी दबाव झेलता है। एक्सप्रेसवे का अतिरिक्त ट्रैफिक भी इसी नेटवर्क में शामिल होने से विशेषकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में भीषण जाम की स्थिति बन रही है।
🔄 3. डीएनडी और बारापुला फेज-3 से भी बढ़ेगा ट्रैफिक लोड, विशेषज्ञों ने की आश्रम से अलग और सीधी कनेक्टिविटी की मांग
सराय काले खां की यह चुनौती केवल यहीं तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय में डीएनडी और बारापुला फेज-3 के नए कॉरिडोर शुरू होने से इस क्षेत्र के यातायात पर और अधिक प्रभाव पड़ेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नए कॉरिडोर का ट्रैफिक मौजूदा सड़कों पर सुचारु रूप से मर्ज नहीं हुआ तो शहर के अंदरूनी हिस्सों में जाम और बढ़ सकता है। यही वजह है कि विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि आश्रम की तरफ से आने वाले वाहनों के लिए एक अलग और सीधी कनेक्टिविटी पर विचार किया जाना चाहिए ताकि इस प्रमुख जंक्शन पर अनावश्यक ट्रैफिक का दबाव घटाया जा सके।

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