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Delhi Electricity News: दिल्ली में बड़े बिजली उपभोक्ताओं को राहत! DERC ने बदला नियम, सीधे बिजली खरीदना हुआ आसान

नई दिल्ली: दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने अपने 'ओपन एक्सेस' नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। अधिकारियों ने जान...


नई दिल्ली: दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) ने अपने 'ओपन एक्सेस' नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि नए नियमों के तहत पात्र बिजली उपभोक्ताओं पर लगने वाले एडिशनल सरचार्ज को आगामी चार वर्षों में धीरे-धीरे पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा। इस ऐतिहासिक कदम का मुख्य उद्देश्य बड़े बिजली उपभोक्ताओं (जैसे इंडस्ट्री, मॉल और बड़ी सोसाइटियों) के लिए खुले बाजार से सीधे बिजली खरीद को और अधिक आकर्षक व किफायती बनाना है।

दिल्ली के ऊर्जा एवं बिजली मंत्री आशीष सूद ने मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली विधानसभा में यह नोटिफिकेशन पेश किया। 'दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (ओपन एक्सेस के लिए नियम और शर्तें) (दूसरा संशोधन) रेगुलेशन, 2026' के माध्यम से इन बदलावों की आधिकारिक जानकारी दी गई।

📉 चार साल में पूरी तरह समाप्त होगा एडिशनल सरचार्ज: जानिए क्या है ओपन एक्सेस व्यवस्था

बदले गए नियमों के तहत ओपन एक्सेस व्यवस्था का उपयोग करने वाले बड़े उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा:

  • चरणबद्ध कटौती: जनरल नेटवर्क एक्सेस (GNA) या ओपन एक्सेस का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर लगने वाले एडिशनल सरचार्ज को हर साल कम किया जाएगा। सुविधा मिलने की तारीख से चार साल के भीतर यह सरचार्ज शून्य (0) हो जाएगा।

  • ओपन एक्सेस का फायदा: इस व्यवस्था से इंडस्ट्रियल यूनिट्स, शॉपिंग मॉल्स और बहुमंजिला हाउसिंग सोसाइटियां जैसे बड़े कंज्यूमर स्थानीय बिजली कंपनियों (BSES या टाटा पावर-DDL) पर निर्भर रहने के बजाय सीधे बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों (Generators) से सस्ती बिजली खरीद सकते हैं।

🚫 पुराने सरचार्ज का रिफंड नहीं मांग सकेंगे ग्राहक: CERC के अनुरूप तय की गई परिभाषाएं

जारी नोटिफिकेशन में नियमों की पारदर्शिता और सीमाओं को भी स्पष्ट किया गया है:

  • नो रिफंड पॉलिसी: मौजूदा या पुराने नियमों के तहत पहले से वसूले गए एडिशनल सरचार्ज का कोई भी ग्राहक रिफंड, एडजस्टमेंट या रिकवरी का दावा नहीं कर सकेगा।

  • लाइसेंसधारी की सीमा: डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसधारी के साथ तय की गई कॉन्ट्रैक्ट डिमांड की सीमा तक सरचार्ज लागू नहीं होगा। यह नियम केवल उन्हीं ओपन एक्सेस उपभोक्ताओं पर लागू रहेगा, जो संबंधित वितरण कंपनी के पंजीकृत उपभोक्ता रहे हैं।

  • CERC से तालमेल: ये नए नियम जनरल नेटवर्क एक्सेस और अस्थायी GNA की परिभाषाओं को सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) के राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाते हैं। DERC द्वारा जारी शुद्धि-पत्र के तहत लागू होने की तारीख को 19 मार्च, 2026 के संदर्भ में अपडेट किया गया है।

🛡️ दिल्ली सरकार उपभोक्ताओं के हित सुरक्षित रखेगी: वैश्विक ईंधन कीमतों पर बोले बिजली मंत्री

विधानसभा में बिजली मंत्री आशीष सूद ने बिजली खरीद समायोजन लागत (PPAC) और वैश्विक कारकों पर सरकार का रुख साफ किया:

  • उपभोक्ता सुरक्षा: वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद दिल्ली सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम और औद्योगिक उपभोक्ताओं के हितों पर कोई आंच न आए।

  • वैधानिक व्यवस्था: उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली खरीद समायोजन लागत (PPAC) देश के बिजली कानूनों के तहत एक कानूनी प्रक्रिया है, जो वितरण कंपनियों को ईंधन लागत में बदलाव के अनुसार मासिक समायोजन की अनुमति देती है।

  • अंतरराष्ट्रीय कारक: पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ईंधन कीमतों में आई अभूतपूर्व वृद्धि के कारण ही हाल के महीनों में लागत समायोजन करना आवश्यक हुआ था।







 

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