नई दिल्ली: अब राष्ट्रीय राजधानी में रजिस्टर्ड वाहनों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे (Delhi-Dehradun Expressway) पर निर्धारित स्पीड लि...
नई दिल्ली: अब राष्ट्रीय राजधानी में रजिस्टर्ड वाहनों के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे (Delhi-Dehradun Expressway) पर निर्धारित स्पीड लिमिट तोड़ना आसान नहीं होगा।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर लगे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों को अपने ई-चालान सिस्टम से सीधे इंटीग्रेट कर दिया है। इस आधुनिक तकनीक के लागू होने के बाद अब एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वाले वाहन चालकों का आसानी से पता लगाकर उनके खिलाफ तुरंत चालानी कार्रवाई की जा रही है।
📸 कैमरे ऐसे करते हैं ओवरस्पीडिंग की पहचान: अब तक 1000 से ज्यादा चालान व नोटिस जारी
अधिकारियों ने बताया कि इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अत्याधुनिक ANPR कैमरे स्थापित किए गए हैं:
स्वचालित ट्रैकिंग: ये कैमरे तेज गति से गुजरने वाली गाड़ियों की नंबर प्लेट की स्पष्ट तस्वीरें लेते हैं और ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों को तुरंत चिन्हित कर लेते हैं।
ई-चालान से जुड़ाव: इसके तुरंत बाद दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का ई-चालान सिस्टम इन उल्लंघनों पर स्वतः ही डिजिटल चालान जेनरेट कर देता है।
त्वरित कार्रवाई: आधिकारिक बयान के अनुसार, इस टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी प्रणाली की मदद से अब तक स्पीड लिमिट का उल्लंघन करने वाले चालकों को 1,000 से अधिक ई-चालान और नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
🚨 सड़क हादसों में आएगी कमी: मैन्युअल पुलिसिंग पर खत्म होगी निर्भरता
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीडिंग और लापरवाह ड्राइविंग को रोककर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है:
"कैमरों को सीधे ई-चालान पोर्टल से जोड़ने से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ बिना किसी इंसानी दखल के पारदर्शी व त्वरित कार्रवाई संभव हो रही है। इससे दिल्ली को उत्तराखंड के देहरादून से जोड़ने वाले इस हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे पर मैन्युअल रूप से चेकिंग करने और पुलिस बल की तैनाती पर निर्भरता कम होगी तथा लोग स्वयं ही स्पीड लिमिट व ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित होंगे।"

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